एनआईए की तीसरी चार्जशीट: सीमा पार हथियार-हेरोइन तस्करी में दो नए आरोपी, यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं जोड़ी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 17 अक्टूबर 2026 को उत्तरी भारत में सक्रिय एक सीमा पार तस्करी गिरोह के विरुद्ध तीसरी चार्जशीट दाखिल की, जिसमें दो नए आरोपियों को नामजद किया गया है और पहले से आरोपित छह व्यक्तियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं। यह आरोप पत्र राजस्थान के जयपुर स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें यूएपीए, शस्त्र अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराएं शामिल हैं।
नए आरोपियों की पहचान
नई चार्जशीट में शामिल दो आरोपियों की पहचान सत्यनारायण मेघवाल (पुत्र अमी लाल) और साहिल गोदारा (पुत्र विजय सिंह) के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया गया था और इस कथित तस्करी नेटवर्क में उनकी सक्रिय भूमिका सामने आई है।
तस्करी के तरीके और नेटवर्क का विस्तार
जांचकर्ताओं के अनुसार, इस गिरोह ने ड्रोन का उपयोग करके अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों के निकट विदेशी निर्मित अवैध हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप गिराई। बाद में इन खेपों को नेटवर्क के सदस्यों ने भारतीय क्षेत्र से प्राप्त कर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में वितरित किया।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि गिरोह ने अपनी गतिविधियों के समन्वय, रसद प्रबंधन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों का इस्तेमाल किया — जो इस नेटवर्क की सुनियोजित प्रकृति को उजागर करता है।
गिरोह का कथित उद्देश्य
एनआईए के आरोपों के अनुसार, इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं था। कथित तौर पर गिरोह का लक्ष्य मादक पदार्थों के जरिए कमजोर युवाओं को निशाना बनाना, लत को बढ़ावा देना, व्यक्तियों का शोषण करना और भारत के भीतर असंतोष उत्पन्न करना था। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती राज्यों में ड्रोन आधारित तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
पिछली चार्जशीट और जांच की स्थिति
गौरतलब है कि एनआईए इस मामले में पहले 14 अगस्त 2025 और 5 फरवरी 2026 को दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। यह तीसरी चार्जशीट जांच की निरंतरता और मामले की व्यापकता को दर्शाती है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अन्य संदिग्धों की पहचान, गिरफ्तारी और व्यापक नेटवर्क की पूरी परिधि का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
यह मामला सीमा पार संबंधों वाले एक कथित संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है, और जांच के विस्तार के साथ आने वाले समय में और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।