मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा के लिए नितेश राणे की नई जीरो-टॉलरेंस नीति

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मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा के लिए नितेश राणे की नई जीरो-टॉलरेंस नीति

सारांश

महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने कोंकण में अवैध एलईडी मछली पकड़ने पर रोक की घोषणा की। उनकी जीरो-टॉलरेंस नीति पारंपरिक मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। जानें इस महत्वपूर्ण घोषणा के बारे में।

मुख्य बातें

जीरो-टॉलरेंस नीति का ऐलान एलईडी तकनीक पर रोक पारंपरिक मछुआरों की सुरक्षा अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नई विकास परियोजनाएँ

मुंबई, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को कोंकण क्षेत्र में अवैध तरीके से एलईडी तकनीक से मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

उन्होंने पारंपरिक मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करने का ऐलान किया।

सदन में चर्चा के दौरान राणे ने कहा कि राज्य सरकार अवैध एलईडी तकनीक के माध्यम से मछली पकड़ने को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह पड़ोसी राज्यों जैसे गुजरात या गोवा के दबाव में नहीं आएगी।

उन्होंने आगे कहा कि अवैध एलईडी तकनीक से मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

हाल ही में राज्य भर में की गई ४,०५३ कार्रवाइयों में से लगभग २,००० कार्रवाइयां विशेष रूप से अवैध एलईडी लाइटों का उपयोग करने वाली नौकाओं के खिलाफ थीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पड़ोसी राज्यों के दबाव के आगे नहीं झुकेगी और उल्लंघन करने वाली नौकाओं को जब्त करना जारी रखेगी।

मंत्री राणे ने चेतावनी दी कि इन अवैध गतिविधियों का समर्थन करने वाले किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कोंकण क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए, उन्होंने मत्स्य पालन विश्वविद्यालय, मछली बीज केंद्र, और जल परिवहन जैसी कई उच्च मूल्य वाली परियोजनाओं का ऐलान किया।

उन्होंने बताया, "देवगढ़ (सिंधुदुर्ग) में एक स्वतंत्र मत्स्य विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। वेंगुर्ला में ६० करोड़ रुपए के निवेश से एक मछली बीज उप-केंद्र बनाया जाएगा। विशेष रूप से रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में जल परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ६,६०० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।"

मंत्री राणे ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण मछुआरों को हो रही वित्तीय कठिनाइयों पर भी ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने सदन को बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार को मछली पकड़ने वाली सहकारी समितियों के वर्गीकरण में बदलाव करने के लिए पत्र लिखा है ताकि उन्हें थोक उपभोक्ता दरों के बजाय खुदरा मूल्य मिल सके।

उन्होंने ईंधन की लागत को स्थिर करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) सहायता के कार्यान्वयन का भी समर्थन किया, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों से प्रभावित हुई है।

मंत्री ने महाराष्ट्र को जहाज निर्माण और मरम्मत में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का दृष्टिकोण साझा किया, जिसके तहत राज्य की विस्तृत तटरेखा का लाभ उठाकर समुद्री रखरखाव के लिए एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पारंपरिक मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा को ध्यान में रखता है। इस नीति से न केवल मछुआरों को संरक्षण मिलेगा, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी की भी रक्षा होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितेश राणे ने कोंकण में मछली पकड़ने के लिए कौन सी नई नीति की घोषणा की?
नितेश राणे ने कोंकण में अवैध एलईडी तकनीक से मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति की घोषणा की है।
इस नीति का उद्देश्य क्या है?
इस नीति का उद्देश्य पारंपरिक मछुआरों और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा करना है।
राज्य सरकार किस प्रकार की कार्रवाइयाँ कर रही है?
राज्य सरकार अवैध एलईडी तकनीक का उपयोग करने वाली नौकाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है।
क्या नितेश राणे ने आर्थिक सहायता की कोई योजना बनाई है?
हाँ, उन्होंने ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण मछुआरों को सहायता के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का समर्थन किया है।
कोंकण क्षेत्र में कौन-कौन सी नई परियोजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं?
कोंकण क्षेत्र में मत्स्य पालन विश्वविद्यालय, मछली बीज केंद्र, और जल परिवहन जैसी नई परियोजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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