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नियम तोड़ने वाले मदरसों पर कार्रवाई उचित: शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे

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नियम तोड़ने वाले मदरसों पर कार्रवाई उचित: शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों की बंदी को नियम उल्लंघन का नतीजा बताया। साथ ही पंजाब में कांग्रेस की गुटबाजी को पार्टी के पतन की वजह करार दिया और भारत की चुनावी प्रक्रिया को विश्व में सबसे पारदर्शी बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 13 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों की बंदी को नियमों के उल्लंघन का परिणाम बताया।
राज्य के अल्पसंख्यक मामलों विभाग ने बिना सहायता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बाद 252 को बंद नोटिस और करीब 100 को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
वाघमारे ने पंजाब कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को 2027 विधानसभा चुनावों में पार्टी के सफाए का कारण बताया।
कांग्रेस महासचिव प्रभारी सचिन पायलट ने कहा था कि पंजाब में सीएम पद का चेहरा बहुमत के बाद ही तय होगा।
वाघमारे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भारतीय चुनावी प्रक्रिया को विश्व की सबसे पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक बताने के बयान का समर्थन किया।

शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में पश्चिम बंगाल के 252 मदरसों को बंद किए जाने के मामले पर अपनी स्पष्ट राय रखी और कहा कि जो संस्थाएँ सरकारी नियमों का पालन नहीं करतीं, उन पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है। वाघमारे ने एक ही बैठक में पंजाब की कांग्रेस की आंतरिक कलह, पीएम मोदी के ग्लोबल साउथ पर दिए बयान और देश की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।

पश्चिम बंगाल के मदरसों पर कार्रवाई

पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने बिना सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बाद राज्यभर में 252 मदरसों को बंद करने का नोटिस भेजा है। इसके अलावा करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वाघमारे ने कहा, 'सरकार के ढाँचे का पालन मदरसे नहीं कर रहे हैं, इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार ने उनको बंद किया है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'अगर नियमों के अनुसार मदरसे चलाने की कोशिश करें तो सरकार को उसे बंद करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन अगर नियमों का उल्लंघन करके मदरसे चलाने की कोशिश करेंगे तो सरकार इस पर जरूर एक्शन लेगी।'

पंजाब में कांग्रेस की गुटबाजी पर तीखा हमला

वाघमारे ने पंजाब में कांग्रेस की आंतरिक कलह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'पंजाब के अंदर कांग्रेस की गुटबाजी इतनी हो गई है कि जो पूर्व मुख्यमंत्री हैं, वह अलग गुट बनाए हैं। यह चुनौती बहुत ही बड़ी है, जिसका सामना कांग्रेस नहीं कर सकती।' उन्होंने दावा किया कि 'कांग्रेस पूरे देश में गुटबाजी के चलते ही खत्म हो गई है और पंजाब में भी इसके चलते कांग्रेस का नामोनिशान मिट जाएगा।'

गौरतलब है कि पंजाब के नवनियुक्त कांग्रेस महासचिव प्रभारी सचिन पायलट ने हाल ही में कहा था कि 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का कोई पूर्व-घोषित मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं होगा और बहुमत मिलने के बाद ही हाईकमान सीएम पद का फैसला करेगा। यह बयान भी पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता का संकेत माना जा रहा है।

पीएम मोदी के ग्लोबल साउथ बयान पर समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्लोबल साउथ से जुड़े बयान पर वाघमारे ने कहा, 'प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का विकास बहुत तेज गति से हो रहा है। देश में उद्योग के क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है, युवाओं को रोजगार मिल रहे हैं और विकसित भारत का सपना पूरा होगा।'

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सहमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि भारत की चुनावी प्रक्रिया दुनिया में सबसे पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक है। इस पर वाघमारे ने सहमति जताते हुए कहा, 'चुनाव आयोग ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही है। लोकतंत्र के मामले में पूरे विश्व में सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारा देश है और इसमें चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी होती है।'

उन्होंने मतदाता सूची की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है और सूची आम जनता के सामने है। मतदाता अपना नाम जोड़ या स्थानांतरित कर सकते हैं। आने वाले चुनावों में पंजाब समेत कई राज्यों की तैयारियाँ इस संदर्भ में अहम मानी जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह बयान सत्तापक्ष की साझा राजनीतिक लाइन को पुष्ट करता है, स्वतंत्र विश्लेषण नहीं। पंजाब की कांग्रेस पर हमला 2027 के चुनाव की तैयारी का हिस्सा लगता है, जबकि खुद भाजपा-नीत गठबंधन में भी सीट-बँटवारे की जटिलताएँ बरकरार हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बहु-मुद्दे प्रेस वार्ताओं को सरसरी तौर पर लेती है; असली सवाल यह है कि क्या पश्चिम बंगाल में मदरसों की बंदी महज प्रशासनिक कदम है या व्यापक नीतिगत बदलाव का संकेत।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में 252 मदरसे क्यों बंद किए गए?
पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने बिना सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बाद 252 मदरसों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। विभाग के अनुसार ये मदरसे सरकारी नियमों और ढाँचे का पालन नहीं कर रहे थे।
राजू वाघमारे ने मदरसे बंद होने पर क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले मदरसों पर सरकारी कार्रवाई उचित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मदरसे नियमों के अनुसार चलें तो सरकार को उन्हें बंद करने का अधिकार नहीं है।
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी का 2027 चुनाव पर क्या असर होगा?
शिवसेना प्रवक्ता वाघमारे के अनुसार, पंजाब में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए घातक साबित होगी। कांग्रेस महासचिव प्रभारी सचिन पायलट पहले ही कह चुके हैं कि सीएम पद का चेहरा बहुमत मिलने के बाद ही तय होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय चुनावी प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि भारत की चुनावी प्रक्रिया दुनिया की सबसे पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक है। वाघमारे ने इस बयान से सहमति जताई और मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र की मिसाल बताया।
पश्चिम बंगाल में कितने मदरसों को कारण बताओ नोटिस मिला है?
252 मदरसों को बंद करने का नोटिस जारी करने के अलावा, राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
राष्ट्र प्रेस
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