11 अगस्त 2026
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भारतीय आमों पर नेपाल का कोई प्रतिबंध नहीं: कृषि मंत्रालय ने भ्रामक खबरों का खंडन किया

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भारतीय आमों पर नेपाल का कोई प्रतिबंध नहीं: कृषि मंत्रालय ने भ्रामक खबरों का खंडन किया

सारांश

भारतीय आमों पर नेपाल के प्रतिबंध की खबरें निराधार निकलीं। कृषि मंत्रालय ने आँकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि जनवरी 2026 से 2,005 मीट्रिक टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं और व्यापार जारी है — हालाँकि HWT जैसी नई शर्तों पर भारत ने परामर्श न होने की चिंता जताई है।

मुख्य बातें

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10 जून 2026 को स्पष्ट किया कि नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।
जनवरी 2026 से भारत ने नेपाल को 149 खेपों में 2,005 मीट्रिक टन आम निर्यात किए हैं।
अकेले जून में 18 खेपें और 266 मीट्रिक टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं।
नेपाल ने आमों के लिए होट वाटर ट्रीटमेंट (HWT) अनिवार्य किया है; भारत इस नई शर्त के अनुरूप निर्यात जारी रखे हुए है।
भारत ने बिना पूर्व परामर्श के नए पौध स्वच्छता उपाय लागू करने पर चिंता व्यक्त की है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10 जून 2026 को स्पष्ट किया कि नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी है। मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक करार दिया, जिनमें दावा किया गया था कि नेपाल ने भारत से आमों का आयात रोक दिया है।

नेपाल सरकार की आधिकारिक पुष्टि

मंत्रालय के अनुसार, नेपाल सरकार ने अपने प्लांट क्वारंटाइन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर के माध्यम से 10 जून को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि निर्धारित पौध स्वच्छता (फाइटोसेनिटरी) आवश्यकताओं के अनुपालन के अधीन भारतीय आमों का आयात सामान्य रूप से जारी रहेगा। नेपाली अधिकारी वैध पौध स्वच्छता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर आयात परमिट और रिलीज आदेश जारी कर रहे हैं।

निर्यात के आंकड़े

मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से भारत ने नेपाल को आमों की 149 खेपें निर्यात की हैं, जिनका कुल वजन 2,005 मीट्रिक टन है। अकेले जून में 18 खेपें भेजी जा चुकी हैं, जिनका कुल वजन 266 मीट्रिक टन है। ये आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि व्यापार प्रवाह बाधित नहीं हुआ है।

नई पौध स्वच्छता शर्तें

मंत्रालय ने स्वीकार किया कि नेपाल ने हाल ही में कुछ आयात शर्तों में संशोधन किया है, जिसमें आमों के लिए होट वाटर ट्रीटमेंट (HWT) को अनिवार्य करना शामिल है। भारत इन अद्यतन आवश्यकताओं के अनुसार निर्यात को सुगम बनाना जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि भारत ने बिना पूर्व परामर्श के नए पौध स्वच्छता उपाय लागू किए जाने पर अपनी चिंता भी व्यक्त की है।

निर्यातकों और व्यापारियों के लिए सलाह

मंत्रालय ने सभी हितधारकों, व्यापारियों और आम जनता से अपील की है कि वे आयात-निर्यात नियमों के संदर्भ में केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नेपाल को भारतीय आमों के निर्यात पर किसी भी अपुष्ट खबर को नजरअंदाज करने की सलाह दी गई है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब अफवाहों के चलते निर्यातकों और व्यापारियों में अनावश्यक चिंता फैल गई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है?
नहीं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10 जून 2026 को स्पष्ट किया कि नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। नेपाल के प्लांट क्वारंटाइन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
भारत ने 2026 में नेपाल को कितने आम निर्यात किए हैं?
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से भारत ने नेपाल को 149 खेपों में 2,005 मीट्रिक टन आम निर्यात किए हैं। जून में अब तक 18 खेपों में 266 मीट्रिक टन आम भेजे जा चुके हैं।
नेपाल ने आमों के आयात के लिए कौन-सी नई शर्त लागू की है?
नेपाल ने भारतीय आमों के लिए होट वाटर ट्रीटमेंट (HWT) को अनिवार्य कर दिया है। भारत इस अद्यतन आवश्यकता के अनुसार निर्यात को सुगम बनाना जारी रखे हुए है, हालाँकि उसने बिना पूर्व परामर्श के यह शर्त लागू करने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय आम नेपाल निर्यात के लिए कौन-से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
भारत सरकार द्वारा जारी वैध पौध स्वच्छता प्रमाण पत्र (Phytosanitary Certificate) अनिवार्य है। इसके साथ निर्धारित पौध स्वच्छता आवश्यकताओं की पूर्ति पर नेपाली अधिकारी आयात परमिट और रिलीज आदेश जारी करते हैं।
निर्यातकों और व्यापारियों को क्या करना चाहिए?
मंत्रालय ने सलाह दी है कि सभी हितधारक केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अपुष्ट खबरों को नजरअंदाज करें। नेपाल को भारतीय आम का निर्यात सामान्य रूप से जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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