नोएडा में 122 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन आज, 20 कृत्रिम तालाब और 2500 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा में 21 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के समापन के उपलक्ष्य में 122 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए शहर के 20 प्रमुख स्थानों पर कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं और कार्यक्रम को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के लिए करीब 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
विसर्जन की व्यवस्था और कृत्रिम तालाब
नोएडा प्रशासन ने इस वर्ष 20 निर्धारित स्थलों पर कृत्रिम तालाब स्थापित किए हैं, जहाँ श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे। इन कृत्रिम तालाबों का उद्देश्य केवल विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित करना नहीं है, बल्कि यमुना एवं अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से भी सुरक्षित रखना है।
आयोजकों और श्रद्धालुओं से विशेष अपील की गई है कि वे केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही प्रतिमाओं का विसर्जन करें और किसी भी प्राकृतिक जलस्रोत का उपयोग न करें। विभिन्न इलाकों में तालाब बनाए जाने से दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस तैनाती
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 2,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। पुलिस की प्राथमिकता भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना, श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होगी।
प्रमुख विसर्जन स्थलों के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी रखी जाएगी। पुलिसकर्मी प्रतिमाओं के साथ निकलने वाले जुलूसों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने और भीड़ को नियंत्रित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
यातायात पर असर और रूट डायवर्जन
विसर्जन जुलूसों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण नोएडा के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन लागू किया जा सकता है और विसर्जन स्थलों के आसपास वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।
आम नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे विसर्जन मार्गों के आसपास अनावश्यक रूप से वाहन न खड़े करें, ताकि आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में त्योहारों के दौरान जलस्रोतों में प्रतिमा विसर्जन से प्रदूषण की समस्या पिछले कई वर्षों से चिंता का विषय रही है। नोएडा प्रशासन द्वारा 20 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था इसी दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) सहित विभिन्न पर्यावरणीय संस्थाएं नदियों और जलाशयों में प्रतिमा विसर्जन पर अंकुश लगाने के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी करती रही हैं।
श्रद्धालुओं के लिए अपील
प्रशासन और आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से शांति, अनुशासन और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों का उपयोग करने, पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा भीड़ में अफरातफरी से बचने का आग्रह किया गया है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा उत्सव का औपचारिक समापन होगा।