शाहदरा में गणेश विसर्जन: 6 अस्थायी तालाब तैयार, यमुना में विसर्जन पर रोक — DCP राजेंद्र मीणा
सारांश
मुख्य बातें
शाहदरा जिले में गणेश विसर्जन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने 23 सितंबर 2026 को बताया कि जिले में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 6 अस्थायी तालाब तैयार किए गए हैं और यमुना नदी में विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इन्हीं निर्धारित तालाबों में विसर्जन करें।
कहाँ-कहाँ बने हैं अस्थायी तालाब
डीसीपी मीणा के अनुसार, ये 6 अस्थायी तालाब शाहदरा जिले के निम्नलिखित थाना क्षेत्रों में तैयार किए गए हैं: सीमापुरी, जीटीवी एन्क्लेव, नंद नगरी, विवेक विहार, जगतपुरी और गीता कॉलोनी। प्रत्येक तालाब स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में यमुना के प्रदूषण को लेकर सरकार और न्यायालय दोनों पहले से सतर्क हैं। गणेश विसर्जन के दौरान नदी में प्रतिमाएँ विसर्जित करने पर रोक का यह क्रम लगातार कई वर्षों से जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था और गश्त का खाका
शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान भी पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पीसीआर वाहनों के साथ-साथ मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग दल भी क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। यमुना किनारे विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई भी श्रद्धालु वहाँ विसर्जन के लिए न पहुँच सके। किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संबंधित आपातकालीन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
यातायात प्रबंधन
डीसीपी मीणा ने बताया कि विसर्जन के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। प्रमुख चौराहों और जंक्शनों पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस भी मार्ग खुलवाने में सहयोग करेगी।
शाहदरा में चोरी का मामला सुलझा, ₹8 लाख की जेवरात बरामद
इसी बीच, एमएस पार्क थाना पुलिस ने एक घरेलू चोरी का मामला सुलझाने में सफलता हासिल की है। 20 सितंबर 2026 को न्यू मॉडर्न शाहदरा में हुई इस चोरी में ₹8 लाख से अधिक मूल्य के सोने-चाँदी के आभूषण चुराए गए थे। थाने की क्रैक टीम ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय सूत्रों की मदद से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया।
पकड़े गए आरोपी का नाम आसिफ है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि चुराया गया सामान लोनी की ओर एक खाली प्लॉट में छिपाया गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वहाँ से सोने के आभूषण और चाँदी के सामान बरामद किए, जिनकी कुल कीमत ₹8 लाख से अधिक आँकी गई है। पुलिस रिकॉर्ड की जाँच में आरोपी लगभग 10 आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है।
आगे क्या
गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस की नज़र बनी रहेगी और यमुना किनारे तैनाती तब तक जारी रहेगी जब तक विसर्जन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। प्रशासन की कोशिश है कि पर्यावरण-संरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए उत्सव शांतिपूर्वक संपन्न हो।