क्या नोएडा में 1 जनवरी से सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों से होम डिलीवरी शुरू होगी?

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क्या नोएडा में 1 जनवरी से सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों से होम डिलीवरी शुरू होगी?

सारांश

नोएडा में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से होम डिलीवरी की नई पहल 1 जनवरी से लागू होगी। यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत लिया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और कैसे यह उपाय वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

Key Takeaways

  • 1 जनवरी 2026 से केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग होगा।
  • डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगेगा।
  • बैठक में ई-कॉमर्स और डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।
  • यह निर्णय वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लिया गया है।
  • परिवहन विभाग भविष्य में समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा।

नोएडा, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर के उप संभागीय परिवहन कार्यालय सेक्टर-32, नोएडा में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने की। इस बैठक में नव प्रोन्नत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विनय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के जारी किए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की तैयारी सुनिश्चित करना था। बैठक में जनपद गौतमबुद्ध नगर की ई-कॉमर्स कंपनियों, मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं से जुड़े प्रतिनिधियों और परिवहन व्यवसायी एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने सभी प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 से मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं की फ्लीट में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही शामिल किए जा सकेंगे। इसमें दोपहिया, तीन पहिया, और चार पहिया (3.5 टन तक) वाहन सम्मिलित हैं। डीजल या पेट्रोल वाहनों का उपयोग धीरे-धीरे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है। सभी संस्थाओं और सेवा प्रदाताओं को अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या परिचालन असुविधा न उत्पन्न हो।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी, इसलिए किसी भी सेवा प्रदाता को नियत तिथि के बाद गैर-स्वीकृत वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। अधिकारियों ने ई-कॉमर्स और डिलीवरी कंपनियों से पर्यावरण हित में और जनहित को ध्यान में रखते हुए नियमों के अनुपालन की अपील की।

बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यह एक प्रभावी कदम है और उद्योग जगत इस दिशा में सहयोग करेगा। परिवहन विभाग भविष्य में भी विभिन्न चरणों में समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा ताकि नई व्यवस्था के कार्यान्वयन में कोई बाधा न आए।

Point of View

बल्कि आम जनजीवन के लिए भी एक सकारात्मक कदम है। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए, ऐसी पहलों की आवश्यकता है। सभी संबंधित संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कब से शुरू होगा?
1 जनवरी 2026 से मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं की फ्लीट में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही शामिल किए जाएंगे।
क्या डीजल या पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगेगा?
जी हां, डीजल और पेट्रोल वाहनों का उपयोग धीरे-धीरे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
बैठक में किसने भाग लिया?
बैठक में गौतमबुद्ध नगर की ई-कॉमर्स कंपनियों, मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और परिवहन व्यवसायी एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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