नोएडा में डेंगू का प्रकोप: 12 दिनों में 85 मरीज, रोज़ाना 7 नए केस; अस्पतालों को अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा जिले में मौसमी बदलाव के बीच डेंगू का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार बीते 12 दिनों में जिले में डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या 85 हो गई है, और पिछले 24 घंटों में 6 नए मरीज़ों की पुष्टि हुई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मामलों की रफ़्तार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता
स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले करीब दो सप्ताह के दौरान जिले में प्रतिदिन औसतन 7 नए डेंगू मरीज़ सामने आए हैं। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मामले दर्ज होना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विभाग ने निगरानी व्यवस्था को पहले की तुलना में काफी कड़ा कर दिया है।
मौसम और मच्छर: अनुकूल परिस्थितियों का संकट
तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छर के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। यह मच्छर घरों और आसपास जमा साफ़ पानी में पैदा होता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कूलर, गमले, पुराने टायर, छतें और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें, तथा इनकी नियमित जाँच करें। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।
लक्षण पहचानें, लापरवाही न करें
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि बुखार, तेज़ सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, आँखों के पीछे दर्द या अत्यधिक कमज़ोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और आवश्यक जाँच कराएँ। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि यह स्थिति को और जटिल बना सकता है।
अस्पतालों में अलर्ट और रोकथाम की कोशिशें
जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। संदिग्ध मरीज़ों की जाँच और उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने मच्छररोधी अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है। गौरतलब है कि सितंबर-अक्टूबर का यह महीना पारंपरिक रूप से डेंगू के लिए सबसे संवेदनशील समय माना जाता है।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विभाग के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण की इस रफ़्तार को नियंत्रित करना है। आने वाले दिनों में निगरानी और रोकथाम गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है। यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ हफ्तों में मामलों में और वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता।