23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा में डेंगू का प्रकोप: 12 दिनों में 85 मरीज, रोज़ाना 7 नए केस; अस्पतालों को अलर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा में डेंगू का प्रकोप: 12 दिनों में 85 मरीज, रोज़ाना 7 नए केस; अस्पतालों को अलर्ट

सारांश

नोएडा में 12 दिनों में 85 डेंगू मरीज़ — यानी रोज़ाना औसतन 7 केस। मौसमी बदलाव ने एडीज़ मच्छर के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से जमा पानी हटाने की अपील की है।

मुख्य बातें

नोएडा में पिछले 12 दिनों में डेंगू के 85 मरीज़ दर्ज किए गए हैं।
बीते 24 घंटों में 6 नए मामलों की पुष्टि हुई; औसतन रोज़ाना 7 मरीज़ सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी किया है।
एडीज़ मच्छर साफ़ जमा पानी में पनपता है — कूलर, गमले, पुराने टायर की नियमित जाँच की सलाह।
बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षणों पर बिना देरी डॉक्टर से परामर्श लें; स्वयं दवा न लें ।

नोएडा जिले में मौसमी बदलाव के बीच डेंगू का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार बीते 12 दिनों में जिले में डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या 85 हो गई है, और पिछले 24 घंटों में 6 नए मरीज़ों की पुष्टि हुई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

मामलों की रफ़्तार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता

स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले करीब दो सप्ताह के दौरान जिले में प्रतिदिन औसतन 7 नए डेंगू मरीज़ सामने आए हैं। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मामले दर्ज होना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विभाग ने निगरानी व्यवस्था को पहले की तुलना में काफी कड़ा कर दिया है।

मौसम और मच्छर: अनुकूल परिस्थितियों का संकट

तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छर के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। यह मच्छर घरों और आसपास जमा साफ़ पानी में पैदा होता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कूलर, गमले, पुराने टायर, छतें और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें, तथा इनकी नियमित जाँच करें। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।

लक्षण पहचानें, लापरवाही न करें

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि बुखार, तेज़ सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, आँखों के पीछे दर्द या अत्यधिक कमज़ोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और आवश्यक जाँच कराएँ। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि यह स्थिति को और जटिल बना सकता है।

अस्पतालों में अलर्ट और रोकथाम की कोशिशें

जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। संदिग्ध मरीज़ों की जाँच और उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने मच्छररोधी अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है। गौरतलब है कि सितंबर-अक्टूबर का यह महीना पारंपरिक रूप से डेंगू के लिए सबसे संवेदनशील समय माना जाता है।

आगे क्या होगा

स्वास्थ्य विभाग के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण की इस रफ़्तार को नियंत्रित करना है। आने वाले दिनों में निगरानी और रोकथाम गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है। यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ हफ्तों में मामलों में और वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

अलर्ट जारी होते हैं, और फिर मौसम बदलने पर सब शांत हो जाता है। सवाल यह है कि साल-दर-साल एडीज़ मच्छर के प्रजनन स्थलों — निर्माणाधीन इमारतें, बंद कॉलोनियों में जमा पानी — को लेकर स्थायी रोकथाम तंत्र क्यों नहीं बन पाता। 12 दिनों में 85 मामले महज़ एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि नागरिक प्रशासन की मौसमी तैयारियों की विफलता का भी संकेत है। जब तक जागरूकता अभियान महज़ परामर्श-पर्चियों तक सीमित रहेंगे और फ़ॉगिंग व जल-निकासी में संरचनात्मक सुधार नहीं होगा, यह चक्र हर साल टूटेगा नहीं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में डेंगू के कितने मामले सामने आए हैं?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नोएडा जिले में पिछले 12 दिनों में डेंगू के कुल 85 मरीज़ दर्ज किए गए हैं। बीते 24 घंटों में 6 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि रोज़ाना औसतन 7 मरीज़ सामने आ रहे हैं।
डेंगू के लक्षण क्या हैं और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
बुखार, तेज़ सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, आँखों के पीछे दर्द और अत्यधिक कमज़ोरी डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ये लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?
घर और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर और छतों की नियमित जाँच करें, क्योंकि इनमें जमा साफ़ पानी में एडीज़ मच्छर पनपता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छररोधी उपाय अपनाने और जागरूकता बरतने की अपील की है।
नोएडा स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के बढ़ते मामलों पर क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी किया है। संदिग्ध मरीज़ों की जाँच व उपचार पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं और मच्छररोधी अभियान तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
मौसम बदलाव और डेंगू के बीच क्या संबंध है?
तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण एडीज़ मच्छर के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनती हैं। सितंबर-अक्टूबर का महीना पारंपरिक रूप से डेंगू के लिए सबसे संवेदनशील समय माना जाता है और इस दौरान मामलों में तेज़ उछाल आमतौर पर देखा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले