नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में आग से लापता उपेंद्र कुमार का शव मिला

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नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में आग से लापता उपेंद्र कुमार का शव मिला

सारांश

नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में आग की भीषण घटना में लापता कर्मचारी उपेंद्र कुमार का शव बरामद किया गया है। यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए दुखद है।

मुख्य बातें

उपेंद्र कुमार का जला हुआ शव फैक्ट्री से मिला।
आग में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी घायल हुए।
आग बुझाने में 48 घंटे लगे।
घटना की जांच जारी है।
सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है।

नोएडा, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-4 में स्थित बिजली मीटर निर्माण करने वाली एक फैक्ट्री में पहले हुई भीषण आग के बाद एक दुखद घटना सामने आई है। आग के बाद लापता हुए कर्मचारी उपेंद्र कुमार का जला हुआ शव रात में फैक्ट्री परिसर से प्राप्त किया गया। शव मिलने के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है।

उपेंद्र कुमार, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के निवासी थे, फैक्ट्री में एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। आग लगने की रात वह नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। आग लगने के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई थी और कई कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे थे। लेकिन उपेंद्र का कोई सुराग नहीं मिल रहा था।

घटना के बाद, पुलिस और प्रशासन की टीमें उपेंद्र की तलाश में लगी हुई थीं। फैक्ट्री के मलबे में खोजबीन की जा रही थी। इसी दौरान उपेंद्र का शव जले हुए हिस्से के बीच से बरामद हुआ, जो बहुत बुरी तरह से जला हुआ पाया गया।

सूत्रों के अनुसार, इस भीषण आग में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी घायल हुए थे, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। आग इतनी भयंकर थी कि इसे बुझाने में दमकल विभाग को लगभग 48 घंटे का समय लगा।

हादसे के समय फैक्ट्री में कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। धुएं और आग की लपटों के बीच कई कर्मचारी बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ अंदर ही फंस गए थे।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। अब उपेंद्र का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। यह घटना थाना फेज-1 क्षेत्र में हुई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच भी की जा रही है, साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह औद्योगिक सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर भी सवाल उठाती है। स्थानीय प्रशासन को आग लगने के कारणों की जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस आग की घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस भीषण आग में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी घायल हुए थे।
उपेंद्र कुमार का शव कब मिला?
उपेंद्र कुमार का शव बीती रात फैक्ट्री परिसर से बरामद किया गया।
आग बुझाने में कितना समय लगा?
दमकल विभाग को आग बुझाने में लगभग 48 घंटे का समय लगा।
इस घटना में प्रशासन का क्या कदम था?
घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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