क्या नोएडा में फर्जी फाइनेंस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा पुलिस ने फर्जी फाइनेंस गिरोह का पर्दाफाश किया।
- गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर महंगी गाड़ियां फाइनेंस कीं।
- पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
- गिरोह ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को भी ठगा।
- पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
नोएडा, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र में पुलिस ने फाइनेंस के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी स्वाट-2 टीम के संयुक्त अभियान में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से गाड़ियों को फाइनेंस करके उन्हें बेचने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से पांच लग्जरी चार पहिया गाड़ियां और आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, आरसी समेत कुल 28 महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमित गुप्ता (पुत्र सुदेश कुमार), अनुराग उर्फ अमित (पुत्र धर्मवीर सिंह) और नवीन भावरी (पुत्र गोवर्धन भावरी) के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों को फूलमंडी के पास से पकड़ा। जांच में पता चला है कि अभियुक्त आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी पहचान तैयार करते थे। इसके बाद वे इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से वाहन लोन स्वीकृत कराकर महंगी गाड़ियां खरीद लेते थे। लोन की किश्तें जमा किए बिना ही वे इन गाड़ियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्यों में कम कीमत पर बेच देते थे।
गाड़ी खरीदते समय ये अभियुक्त ग्राहकों को यह विश्वास दिलाते थे कि दो से तीन महीने में वाहन की एनओसी उपलब्ध करा दी जाएगी। जब बैंक एजेंट किश्त न जमा होने पर दिए गए पते पर संपर्क करते थे, तो पता फर्जी निकलता था। इतना ही नहीं, गिरोह के सदस्य आरसी से पहले से दर्ज हाइपोथेकेशन हटवाकर उसी वाहन पर दोबारा लोन भी करा लेते थे।
गिरफ्तार अभियुक्त अमित गुप्ता दिल्ली के मॉडल टाउन का निवासी है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनुराग उर्फ अमित अलीगढ़ का निवासी है, जबकि नवीन भावरी पंजाब के पठानकोट का रहने वाला है। तीनों अभियुक्त 12वीं तक शिक्षित बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से थार, ग्रैंड विटारा, किया सेल्टॉस, महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और अर्बन क्रूजर टेजर समेत पांच लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। इसके अलावा 28 फर्जी और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क के पूरे फैलाव की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।