मोहर्रम से पहले नोएडा पुलिस अलर्ट: फ्लैग मार्च, फुट पेट्रोलिंग और 102 पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 23 जून 2025 को आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र जिले भर में व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग की, जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश जारी किए। इसी दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले 102 व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
मुख्य घटनाक्रम
डीसीपी नोएडा साद मिया खान के पर्यवेक्षण में एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने एसीपी-3 राकेश प्रताप सिंह और पुलिस बल के साथ थाना सेक्टर-49 क्षेत्र में फुट पेट्रोलिंग की। अधिकारियों ने प्रस्तावित जुलूस मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जाँच भी की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीसीआर और पीआरवी वाहन लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के आदेश दिए गए।
शराब-विरोधी अभियान: 102 पर कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में सोमवार को नोएडा जोन के थाना फेस-1 और थाना सेक्टर-58 की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन के आरोप में 102 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 292 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार यह अभियान त्योहारी मौसम में भी जारी रहेगा।
सेंट्रल नोएडा में भी विशेष सतर्कता
सेंट्रल नोएडा क्षेत्र में एसीपी-1 दीक्षा सिंह ने डीसीपी और एडीसीपी के पर्यवेक्षण में थाना फेस-2 क्षेत्र में पुलिस बल के साथ फुट पेट्रोलिंग की। उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि बैरिकेडिंग लगाकर संदिग्ध वाहनों की जाँच की जाए और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग अभियान और निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। गौरतलब है कि मोहर्रम के जुलूसों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं, जिससे सुरक्षा प्रबंधन की चुनौती बढ़ जाती है।