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पूनम ढिल्लो की भावुक श्रद्धांजलि: 'नूरी' ने बदली थी भरत कपूर और उनकी किस्मत

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पूनम ढिल्लो की भावुक श्रद्धांजलि: 'नूरी' ने बदली थी भरत कपूर और उनकी किस्मत

सारांश

हिंदी सिनेमा के मशहूर खलनायक भरत कपूर के निधन पर अभिनेत्री पूनम ढिल्लो ने भावुक श्रद्धांजलि दी। 1979 की सुपरहिट फिल्म 'नूरी' को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म दोनों के करियर का टर्निंग पॉइंट थी। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है।

मुख्य बातें

भरत कपूर का निधन सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को हुआ; अंतिम संस्कार सायन अस्पताल के पास श्मशान घाट में सम्पन्न हुआ।
पूनम ढिल्लो ने सोशल मीडिया पर 'नूरी' का पोस्टर शेयर कर भावुक श्रद्धांजलि दी।
1979 में रिलीज 'नूरी' उस वर्ष की सातवीं सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्म थी।
फिल्म में भरत कपूर ने खलनायक बशीर खान की भूमिका निभाई, जिसने उन्हें विलेन के रूप में स्थायी पहचान दिलाई।
फिल्म का गीत 'आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा' आज भी श्रोताओं की जुबान पर जिंदा है।
निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित सहित फिल्म जगत के कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुंबई, 28 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा के दिग्गज खलनायक भरत कपूर का सोमवार, 28 अप्रैल को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उसी शाम सायन अस्पताल के समीप स्थित श्मशान घाट में सम्पन्न हुआ, जहाँ बॉलीवुड के कई कलाकार और परिजन उन्हें अंतिम विदाई देने पहुँचे। इस दुखद अवसर पर अभिनेत्री पूनम ढिल्लो ने सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि देते हुए अपनी साझा फिल्म 'नूरी' को याद किया — वही फिल्म जिसने दोनों की तकदीर बदल दी थी।

अंतिम संस्कार में उमड़ा फिल्म जगत

भरत कपूर के निधन की खबर फैलते ही फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सायन श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार में हिंदी सिनेमा के कई परिचित चेहरे नजर आए। निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित ने भी अभिनेता की तस्वीर साझा कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड हाल के महीनों में कई दिग्गज कलाकारों को खो चुका है।

पूनम ढिल्लो के दिल से निकले शब्द

अभिनेत्री पूनम ढिल्लो ने फिल्म 'नूरी' का पोस्टर साझा करते हुए लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

महज सहायक किरदार नहीं। 'नूरी' जैसी फिल्मों ने साबित किया कि एक सशक्त विलेन के बिना प्रेम कहानी अधूरी होती है। गौरतलब है कि आज के दौर में जहाँ खलनायक की भूमिका धुंधली पड़ती जा रही है, भरत कपूर जैसे कलाकार उस परंपरा के आखिरी स्तंभ थे। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सिर्फ नायकों को याद करती है — लेकिन सच यह है कि भरत कपूर जैसे कलाकारों के बिना बॉलीवुड की कई यादगार फिल्में अधूरी रहतीं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत कपूर का निधन कब और कहाँ हुआ?
भरत कपूर का निधन सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को हुआ। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सायन अस्पताल के पास स्थित श्मशान घाट में उसी शाम सम्पन्न हुआ।
पूनम ढिल्लो ने भरत कपूर को श्रद्धांजलि कैसे दी?
पूनम ढिल्लो ने सोशल मीडिया पर 1979 की फिल्म 'नूरी' का पोस्टर साझा कर भावुक संदेश लिखा। उन्होंने भरत कपूर को 'जेंटलमैन, परफेक्ट फैमिली मैन और सच्चे इंसान' के रूप में याद किया।
फिल्म 'नूरी' भरत कपूर के करियर के लिए क्यों महत्वपूर्ण थी?
1979 में रिलीज 'नूरी' भरत कपूर के करियर का टर्निंग पॉइंट रही, जिसमें उन्होंने खलनायक 'बशीर खान' की भूमिका निभाई। इसी फिल्म से उन्हें बतौर विलेन स्थायी पहचान मिली और यह पूनम ढिल्लो के करियर की भी दूसरी सबसे बड़ी फिल्म थी।
फिल्म 'नूरी' की कहानी और खासियत क्या थी?
'नूरी' कश्मीर की वादियों में खिलती एक रोमांटिक प्रेम कहानी थी, जिसका निर्माण यश चोपड़ा और निर्देशन मनमोहन कृष्ण ने किया था। फिल्म का गीत 'आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा' आज भी लोगों की जुबान पर है और यह 1979 की सातवीं सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्म थी।
भरत कपूर के निधन पर फिल्म जगत की क्या प्रतिक्रिया रही?
भरत कपूर के निधन पर फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पूनम ढिल्लो के अलावा निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित सहित कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र प्रेस
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