गुवाहाटी में पूर्वोत्तर का पहला वीजा आवेदन केंद्र 15 अक्टूबर को खुलेगा, 14 देशों की सेवाएं मिलेंगी
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि पूर्वोत्तर भारत का पहला वीजा आवेदन केंद्र 15 अक्टूबर को गुवाहाटी में औपचारिक रूप से खुलेगा। यह केंद्र वीएफएस ग्लोबल द्वारा संचालित होगा और शेंगेन क्षेत्र के देशों सहित 14 देशों के लिए वीजा आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस पहल का उद्देश्य असम और पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रक्रिया में आने वाली लॉजिस्टिक बाधाओं से राहत दिलाना है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उद्घाटन की जानकारी साझा करते हुए पूछा, 'असम, क्या आप उड़ान भरने के लिए तैयार हैं?' उनके अनुसार यह केंद्र क्षेत्रवासियों के लिए विदेश यात्रा को सुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। गौरतलब है कि अब तक पूर्वोत्तर के निवासियों को वीजा आवेदन के लिए कोलकाता या नई दिल्ली जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी।
केंद्र में उपलब्ध सेवाएं
वीएफएस ग्लोबल दुनिया भर की सरकारों और राजनयिक मिशनों की ओर से वीजा आवेदन और संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है। गुवाहाटी केंद्र में जिन देशों के लिए वीजा आवेदन किए जा सकेंगे, उनमें ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, फ्रांस, इटली, लातविया, स्विट्जरलैंड, साइप्रस, मिस्र, आयरलैंड, जापान, माल्टा और मोरक्को शामिल हैं।
शेंगेन वीजा प्रणाली के अंतर्गत यात्री एक ही वीजा पर यूरोप के शेंगेन क्षेत्र में शामिल कई देशों की यात्रा कर सकते हैं — हालाँकि यह लागू प्रवेश शर्तों के अधीन होता है। अपॉइंटमेंट प्रक्रिया, आवेदन संबंधी आवश्यकताएं और सेवा शुल्क सहित परिचालन विवरण अधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
आम जनता पर असर
यह सुविधा विशेष रूप से पर्यटन, शिक्षा और व्यवसाय के लिए विदेश जाने की योजना बनाने वाले असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, त्रिपुरा और सिक्किम के निवासियों के लिए राहत लेकर आएगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ रहा है और गुवाहाटी लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार जारी है।
उल्लेखनीय है कि वीजा आवेदन केंद्र केवल दस्तावेज संग्रह और प्रसंस्करण की सुविधा देता है — वीजा स्वीकृति या अस्वीकृति का अधिकार संबंधित देशों और उनके अधिकृत अधिकारियों के पास ही रहेगा।
गुवाहाटी की रणनीतिक भूमिका
पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा शहर गुवाहाटी पहले से ही क्षेत्रीय वाणिज्य, प्रशासन और परिवहन का केंद्र है। यह केंद्र उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत गुवाहाटी को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सेवाओं का प्रमुख हब बनाने की कोशिश की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि दीर्घकालिक जरूरत यह है कि यहाँ अधिक देशों के वाणिज्य दूतावास भी स्थापित हों, ताकि वीजा प्रक्रिया पूरी तरह स्थानीय हो सके।
क्या होगा आगे
केंद्र के संचालन के साथ आवेदकों की संख्या, प्रतीक्षा समय और सेवा की गुणवत्ता पर नज़र रखी जाएगी। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो पूर्वोत्तर के अन्य शहरों में भी इसी तरह के केंद्र खोले जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्र के यात्रियों और व्यापारियों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि उद्घाटन के बाद केंद्र वास्तव में कितनी तेज़ और पारदर्शी सेवाएं दे पाता है।