फीफा वर्ल्ड कप 2026: CM हिमंता का तोहफा, गुवाहाटी में रेस्टोरेंट अब सुबह 3.30 बजे तक खुलेंगे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 जुलाई 2026 को घोषणा की कि गुवाहाटी में रेस्टोरेंट 15, 16, 19 और 20 जुलाई को सुबह 3.30 बजे तक खुले रह सकेंगे, ताकि फुटबॉल प्रेमी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल और फाइनल मैचों का आनंद बिना किसी बाधा के उठा सकें। यह अस्थायी छूट गुवाहाटी जिला प्रशासन को दी गई है और इसे असम के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री की घोषणा और एक्स पर संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा, 'फुटबॉल लोगों को जोड़ता है, और हम चाहते हैं कि हमारे खेल प्रेमी बिना किसी परेशानी के फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल का आनंद लें।' उन्होंने यह भी कहा, 'इस शानदार खेल का आनंद जिम्मेदारी से लें।'
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुँच चुका है और देर रात के अंतरराष्ट्रीय मैचों को लेकर फुटबॉल फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
किन जिलों को मिलेगी छूट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुवाहाटी के अलावा असम के अन्य जिलों में भी रेस्टोरेंट बंद होने के समय में बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी रेस्टोरेंट मालिकों के संघों से अनुरोध और स्थानीय जनता की माँग हो, वहाँ जिला प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वे समय सीमा बढ़ाने की अनुमति दे सकें।
आम जनता और व्यवसायों पर असर
इस फैसले से उन फुटबॉल प्रेमियों को सीधा लाभ मिलेगा जो होटल, कैफे, स्पोर्ट्स बार और रेस्टोरेंट में बड़ी स्क्रीन पर मैच देखने के लिए इकट्ठा होते हैं। गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख फुटबॉल केंद्र है और यहाँ बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ उमड़ती है।
गौरतलब है कि देर रात के मैचों के दौरान रेस्टोरेंट बंद होने की समय-सीमा एक बड़ी बाधा रही है। इस छूट से स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ी हुई माँग का फायदा उठाने का मौका मिलेगा।
असम सरकार की खेल नीति का हिस्सा
राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में असम में खेलों को बढ़ावा देने और खेल से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। यह ताज़ा निर्णय बड़े वैश्विक खेल आयोजनों के प्रति जनता के उत्साह को सरकारी समर्थन देने की उस नीति का हिस्सा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य जिले इस छूट का लाभ उठाते हैं या नहीं, और क्या यह अनुभव भविष्य में बड़े खेल आयोजनों के दौरान स्थायी नीति बनाने की दिशा में कदम बनेगा।