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आईआईएम गुवाहाटी के पहले MBA बैच का आगाज़, CM हिमंत बिस्वा सरमा बोले — पूर्वोत्तर की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

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आईआईएम गुवाहाटी के पहले MBA बैच का आगाज़, CM हिमंत बिस्वा सरमा बोले — पूर्वोत्तर की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

सारांश

पूर्वोत्तर को आखिरकार अपना IIM मिल गया। गुवाहाटी के टेक सिटी परिसर में 18 राज्यों के 52 छात्रों के साथ शुरू हुआ पहला MBA बैच उस सपने की शुरुआत है जिसके लिए असम ने 2022 से पहल की थी — और ₹39 करोड़ खर्च कर अस्थायी परिसर बनाकर एक दिन भी नहीं गँवाया।

मुख्य बातें

IIM गुवाहाटी के 2026-28 सत्र के पहले MBA बैच का उद्घाटन CM हिमंत बिस्वा सरमा ने किया।
पहले बैच में देश के 18 राज्यों से 52 छात्र शामिल हैं।
असम सरकार ने 2022 में अनुरोध किया; अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतिम स्वीकृति दी।
अस्थायी परिसर, बोंगोरा टेक सिटी , पर राज्य सरकार ने ₹39 करोड़ व्यय किए।
स्थायी परिसर कामरूप जिले में 574 बीघा भूमि पर; अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद।
देश में IIM की संख्या 2014 में 13 से बढ़कर अब 22 हो गई है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 22 जुलाई 2025 को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) गुवाहाटी के 2026-28 सत्र के पहले एमबीए बैच का उद्घाटन किया और इसे असम तथा समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। कामरूप जिले के बोंगोरा स्थित टेक सिटी के अस्थायी परिसर में आयोजित इस समारोह में उन्होंने कहा कि यह संस्थान क्षेत्र की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा और युवाओं के सामने नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

पहले बैच में देशभर के 52 छात्र

IIM गुवाहाटी के पहले एमबीए बैच में देश के 18 राज्यों से चुने गए 52 छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने इन सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा, 'इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होकर मुझे बेहद खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। आज असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों का एक पुराना सपना पूरा हुआ है।' उन्होंने इसे क्षेत्र की दीर्घकालिक आकांक्षाओं की पूर्ति का प्रतीक बताया।

संस्थान की स्थापना की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम सरकार ने वर्ष 2022 में केंद्र सरकार से राज्य में IIM स्थापित करने का औपचारिक अनुरोध किया था। अप्रैल 2024 में इसे सैद्धांतिक स्वीकृति मिली और अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतिम मंजूरी प्रदान की। सरमा ने इस पहल में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में देश में IIM की संख्या 13 थी, जो अब बढ़कर 22 हो गई है — यह विस्तार केंद्र सरकार की गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा को सुलभ बनाने की नीति का हिस्सा है।

अस्थायी परिसर पर ₹39 करोड़ का निवेश

स्थायी परिसर के निर्माण की प्रतीक्षा किए बिना शैक्षणिक गतिविधियाँ शुरू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने टेक सिटी, बोंगोरा में आधुनिक अस्थायी परिसर विकसित करने पर लगभग ₹39 करोड़ व्यय किए हैं। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार संस्थान की गति को बुनियादी ढाँचे की बाधाओं से अलग रखना चाहती है।

स्थायी परिसर की योजना

IIM गुवाहाटी का स्थायी परिसर कामरूप जिले के मोराभीटा और दीघलकुची गाँवों में 574 बीघा भूमि पर विकसित किया जा रहा है। अगले तीन वर्षों में इसके पूरा होने की उम्मीद है। यह परिसर पूर्वोत्तर के सबसे बड़े प्रबंधन शिक्षा केंद्रों में से एक बनने की क्षमता रखता है।

असम बनेगा उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र

मुख्यमंत्री सरमा ने रेखांकित किया कि IIM गुवाहाटी के जुड़ने से IIT गुवाहाटी, AIIMS गुवाहाटी, IIIT, NIPER और प्रस्तावित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के साथ असम एक सशक्त उच्च शिक्षा हब के रूप में उभरेगा। उन्होंने IIM गुवाहाटी से इन संस्थानों के साथ मिलकर नवाचार को प्रोत्साहित करने और पूर्वोत्तर की विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया। सरमा ने यह भी आशा व्यक्त की कि भविष्य में असम के छात्र राज्य में स्थित राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में कम से कम 50 प्रतिशत सीटें हासिल कर सकेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह संस्थान क्षेत्र की स्थानीय प्रतिभाओं को कितना आकर्षित कर पाता है — पहले बैच में 18 राज्यों के 52 छात्र हैं, पर असम के छात्रों की हिस्सेदारी का आँकड़ा अभी सामने नहीं आया है। CM सरमा का 50% स्थानीय सीट का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, किंतु IIM प्रवेश प्रक्रिया की राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति को देखते हुए इसे साकार करना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, ₹39 करोड़ के अस्थायी परिसर पर निर्भरता और स्थायी परिसर के लिए तीन साल की प्रतीक्षा यह सवाल उठाती है कि क्या बुनियादी ढाँचे की तैयारी संस्थान की दीर्घकालिक साख के अनुरूप है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIM गुवाहाटी का पहला MBA बैच कब और कहाँ शुरू हुआ?
IIM गुवाहाटी का 2026-28 सत्र का पहला MBA बैच 22 जुलाई 2025 को कामरूप जिले के बोंगोरा स्थित टेक सिटी के अस्थायी परिसर में शुरू हुआ। इस बैच में देश के 18 राज्यों से 52 छात्र शामिल हैं।
IIM गुवाहाटी की स्थापना कैसे हुई?
असम सरकार ने 2022 में केंद्र से IIM स्थापित करने का अनुरोध किया था। अप्रैल 2024 में सैद्धांतिक स्वीकृति और अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी के बाद यह संस्थान अस्तित्व में आया।
IIM गुवाहाटी का स्थायी परिसर कब तक बनकर तैयार होगा?
स्थायी परिसर कामरूप जिले के मोराभीटा और दीघलकुची गाँवों में 574 बीघा भूमि पर विकसित किया जा रहा है और अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। तब तक संस्थान टेक सिटी के अस्थायी परिसर से संचालित होगा।
असम सरकार ने IIM गुवाहाटी के अस्थायी परिसर पर कितना खर्च किया?
राज्य सरकार ने बोंगोरा टेक सिटी में आधुनिक अस्थायी परिसर विकसित करने पर लगभग ₹39 करोड़ खर्च किए हैं ताकि स्थायी परिसर के निर्माण की प्रतीक्षा किए बिना शैक्षणिक गतिविधियाँ समय पर शुरू हो सकें।
IIM गुवाहाटी पूर्वोत्तर की उच्च शिक्षा को किस तरह मजबूत करेगा?
IIM गुवाहाटी, IIT गुवाहाटी, AIIMS गुवाहाटी, IIIT, NIPER और प्रस्तावित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ मिलकर असम को एक प्रमुख उच्च शिक्षा हब बनाएगा। CM सरमा के अनुसार यह संस्थान नवाचार को बढ़ावा देगा और पूर्वोत्तर की विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान में भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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