IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा ज़मीन आवंटित, असम कैबिनेट ने बाल संरक्षण विधेयक 2026 को भी दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि प्रस्तावित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) गुवाहाटी के लिए 574 बीघा भूमि आवंटित की जाएगी। इस निर्णय के साथ असम कैबिनेट ने उच्च शिक्षा, प्रशासनिक पुनर्गठन, मानसिक स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और युवा कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए।
IIM गुवाहाटी: उच्च शिक्षा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों को बताया कि प्रस्तावित IIM गुवाहाटी परिसर के लिए 574 बीघा ज़मीन चिह्नित कर आवंटित की जाएगी। यह कदम असम के उच्च शिक्षा परिदृश्य को नई ऊँचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए IIM परिसर से राज्य के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रबंधन शिक्षा के द्वार खुलने की उम्मीद है, जो अब तक मुख्यतः अन्य राज्यों के संस्थानों पर निर्भर थे।
असम सचिवालय का प्रशासनिक पुनर्गठन
कैबिनेट ने असम सचिवालय को नई पहचान देने की योजना को भी हरी झंडी दी। इस पुनर्गठन के तहत 32 विभाग सचिवालय परिसर से संचालित होंगे। सरमा के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी कामकाज को सुव्यवस्थित करना और विभिन्न विभागों को एक एकीकृत प्रशासनिक ढाँचे के अंतर्गत लाना है। गौरतलब है कि यह असम में प्रशासनिक केंद्रीकरण की दिशा में उठाया गया एक और ठोस कदम है।
मानसिक स्वास्थ्य और बाल संरक्षण पर नई नीति
सरकार मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए एक नया नियामक ढाँचा लागू करेगी। सरमा ने स्पष्ट किया कि 50 या उससे अधिक लोगों की क्षमता वाले काउंसलिंग केंद्रों के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि इन संस्थाओं की उचित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अनियमित मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सवाल उठ रहे हैं।
असम कैबिनेट ने असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी, जिसमें किशोर न्याय प्रावधानों से जुड़े संशोधन शामिल हैं। प्रस्तावित बदलावों का लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कानूनी और संस्थागत ढाँचे को और सुदृढ़ करना है।
युवा कल्याण के लिए नया ढाँचा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य 17 सितंबर से युवाओं पर केंद्रित एक नया कार्यक्रम ढाँचा लागू करेगा। इसमें युवा और कल्याण विभाग युवाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के समन्वय में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। सरमा ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जहाँ भी आवश्यक हो, कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।
आगे की राह
ये तमाम घोषणाएँ असम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें शैक्षिक बुनियादी ढाँचे का विस्तार, प्रशासनिक दक्षता में सुधार और सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं को सशक्त बनाना प्रमुख है। प्रस्तावित IIM गुवाहाटी परिसर, मानसिक स्वास्थ्य नियामक ढाँचे और बाल संरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन पर अब सबकी नज़र होगी।