19 अगस्त 2026
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IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा ज़मीन आवंटित, असम कैबिनेट ने बाल संरक्षण विधेयक 2026 को भी दी मंजूरी

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IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा ज़मीन आवंटित, असम कैबिनेट ने बाल संरक्षण विधेयक 2026 को भी दी मंजूरी

सारांश

असम कैबिनेट ने एक ही बैठक में पाँच बड़े फैसले लिए — IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा ज़मीन, 32 विभागों का सचिवालय पुनर्गठन, मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का अनिवार्य पंजीकरण, बाल संरक्षण विधेयक 2026 और 17 सितंबर से युवा कल्याण ढाँचा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का यह कदम असम को शिक्षा और सामाजिक नीति में नई दिशा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

असम सरकार ने प्रस्तावित IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया।
असम सचिवालय के पुनर्गठन के तहत 32 विभाग एकीकृत परिसर से संचालित होंगे।
50 या अधिक क्षमता वाले काउंसलिंग केंद्रों के लिए अनिवार्य पंजीकरण का नियामक ढाँचा लागू होगा।
कैबिनेट ने असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 को मंजूरी दी, जिसमें किशोर न्याय संशोधन शामिल हैं।
17 सितंबर से युवा कल्याण विभाग के नेतृत्व में नया युवा-केंद्रित कार्यक्रम ढाँचा शुरू होगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि प्रस्तावित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) गुवाहाटी के लिए 574 बीघा भूमि आवंटित की जाएगी। इस निर्णय के साथ असम कैबिनेट ने उच्च शिक्षा, प्रशासनिक पुनर्गठन, मानसिक स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और युवा कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए।

IIM गुवाहाटी: उच्च शिक्षा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों को बताया कि प्रस्तावित IIM गुवाहाटी परिसर के लिए 574 बीघा ज़मीन चिह्नित कर आवंटित की जाएगी। यह कदम असम के उच्च शिक्षा परिदृश्य को नई ऊँचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए IIM परिसर से राज्य के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रबंधन शिक्षा के द्वार खुलने की उम्मीद है, जो अब तक मुख्यतः अन्य राज्यों के संस्थानों पर निर्भर थे।

असम सचिवालय का प्रशासनिक पुनर्गठन

कैबिनेट ने असम सचिवालय को नई पहचान देने की योजना को भी हरी झंडी दी। इस पुनर्गठन के तहत 32 विभाग सचिवालय परिसर से संचालित होंगे। सरमा के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी कामकाज को सुव्यवस्थित करना और विभिन्न विभागों को एक एकीकृत प्रशासनिक ढाँचे के अंतर्गत लाना है। गौरतलब है कि यह असम में प्रशासनिक केंद्रीकरण की दिशा में उठाया गया एक और ठोस कदम है।

मानसिक स्वास्थ्य और बाल संरक्षण पर नई नीति

सरकार मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए एक नया नियामक ढाँचा लागू करेगी। सरमा ने स्पष्ट किया कि 50 या उससे अधिक लोगों की क्षमता वाले काउंसलिंग केंद्रों के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि इन संस्थाओं की उचित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अनियमित मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सवाल उठ रहे हैं।

असम कैबिनेट ने असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी, जिसमें किशोर न्याय प्रावधानों से जुड़े संशोधन शामिल हैं। प्रस्तावित बदलावों का लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कानूनी और संस्थागत ढाँचे को और सुदृढ़ करना है।

युवा कल्याण के लिए नया ढाँचा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य 17 सितंबर से युवाओं पर केंद्रित एक नया कार्यक्रम ढाँचा लागू करेगा। इसमें युवा और कल्याण विभाग युवाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के समन्वय में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। सरमा ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जहाँ भी आवश्यक हो, कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।

आगे की राह

ये तमाम घोषणाएँ असम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें शैक्षिक बुनियादी ढाँचे का विस्तार, प्रशासनिक दक्षता में सुधार और सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं को सशक्त बनाना प्रमुख है। प्रस्तावित IIM गुवाहाटी परिसर, मानसिक स्वास्थ्य नियामक ढाँचे और बाल संरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन पर अब सबकी नज़र होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है कि पूर्वोत्तर में प्रीमियम संस्थानों के लिए भूमि आवंटन की घोषणाएँ हुई हों और क्रियान्वयन वर्षों तक लटका रहा हो। असली परीक्षा यह है कि IIM परिसर की स्थापना की समयसीमा और वित्त पोषण का ब्यौरा कब सार्वजनिक होता है। मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के पंजीकरण का नियम एक ज़रूरी कदम है, पर 50 की सीमा छोटे, ग्रामीण केंद्रों को अनौपचारिक क्षेत्र में धकेल सकती है — इस पर विशेषज्ञों की राय अभी सामने आनी बाकी है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIM गुवाहाटी के लिए कितनी ज़मीन आवंटित की गई है?
असम सरकार ने प्रस्तावित IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा भूमि आवंटित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त 2026 को कैबिनेट बैठक के बाद यह जानकारी दी।
असम के मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नया नियम क्या है?
50 या उससे अधिक लोगों की क्षमता वाले काउंसलिंग केंद्रों के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था लागू होगी। यह नियामक ढाँचा इन संस्थाओं की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक 2026 में क्या है?
असम कैबिनेट ने असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 को मंजूरी दी है, जिसमें किशोर न्याय प्रावधानों से जुड़े संशोधन शामिल हैं। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कानूनी व संस्थागत ढाँचे को मज़बूत करना है।
असम सचिवालय पुनर्गठन से क्या बदलेगा?
पुनर्गठन के तहत 32 विभाग सचिवालय परिसर से एकीकृत रूप से काम करेंगे। इसका मकसद सरकारी कामकाज को सुव्यवस्थित कर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।
असम का नया युवा कल्याण ढाँचा कब से शुरू होगा?
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार 17 सितंबर 2026 से युवाओं पर केंद्रित नया कार्यक्रम ढाँचा लागू होगा। युवा और कल्याण विभाग इसमें समन्वय की प्रमुख भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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