1 सितंबर 2026
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आईआईटी गुवाहाटी का 33वाँ स्थापना दिवस: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने दी बधाई, पूर्वोत्तर की तकनीकी पहचान को सराहा

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आईआईटी गुवाहाटी का 33वाँ स्थापना दिवस: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने दी बधाई, पूर्वोत्तर की तकनीकी पहचान को सराहा

सारांश

आईआईटी गुवाहाटी ने 33 साल पूरे किए — पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा और नवाचार का यह केंद्र अब क्षेत्र की तकनीकी पहचान का पर्याय बन चुका है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर बधाई देते हुए संस्थान के राष्ट्रीय योगदान को सराहा।

मुख्य बातें

आईआईटी गुवाहाटी ने 1 सितंबर 2026 को अपना 33वाँ स्थापना दिवस मनाया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर संकाय और छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
1994 में स्थापित यह देश का छठा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है।
संस्थान पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा, नवाचार और तकनीकी अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
स्थापना दिवस समारोह में तीन दशकों की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा अपेक्षित है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 सितंबर 2026 को आईआईटी गुवाहाटी के 33वें स्थापना दिवस पर संस्थान के संकाय सदस्यों, छात्रों और समस्त समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्र-निर्माण में इस संस्थान के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आईआईटी गुवाहाटी देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है, जो देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसके 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर इसके सभी शिक्षकों और छात्रों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।' यह संदेश ऐसे समय आया है जब संस्थान ने अपने शैक्षणिक और अनुसंधान सफर के तीन दशक पूरे कर लिए हैं।

आईआईटी गुवाहाटी की यात्रा

1994 में स्थापित आईआईटी गुवाहाटी देश का छठा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है। तीन दशकों से अधिक समय में इस संस्थान ने इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयक अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी सुदृढ़ पहचान बनाई है। गौरतलब है कि यह संस्थान पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

पूर्वोत्तर के लिए महत्व

आईआईटी गुवाहाटी के विकास ने असम और समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र को ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। संस्थान ने छात्रों और शोधकर्ताओं को अर्थव्यवस्था व समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए तैयार किया है। उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में भी संस्थान की भूमिका उल्लेखनीय रही है।

स्थापना दिवस समारोह

33वें स्थापना दिवस समारोह में पिछले तीन दशकों की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास में संस्थान की भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला जाना अपेक्षित है। मुख्यमंत्री सरमा ने वैज्ञानिक क्षमता-निर्माण और युवा प्रतिभाओं के पोषण में ऐसे संस्थानों के व्यापक महत्व को भी अपने संदेश में उजागर किया।

आगे की राह

आईआईटी गुवाहाटी अनुसंधान, नवाचार और उन्नत तकनीकी शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित रखते हुए 34वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से मिली यह स्वीकृति संस्थान की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय भूमिका को और सुदृढ़ करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असम को 'ज्ञान और नवाचार के गंतव्य' के रूप में ब्रांड करने की उनकी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। पूर्वोत्तर में जहाँ मस्तिष्क-पलायन (brain drain) एक पुरानी समस्या रही है, वहाँ आईआईटी गुवाहाटी जैसे संस्थान क्षेत्रीय प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर देने की दिशा में अहम हैं। हालाँकि, यह भी विचारणीय है कि राजनीतिक स्वीकृति और संस्थागत स्वायत्तता के बीच संतुलन कितना बना रहता है — क्योंकि शोध और नवाचार की असली ताकत अक्सर बिना दबाव के काम करने की स्वतंत्रता से आती है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी गुवाहाटी की स्थापना कब हुई थी?
आईआईटी गुवाहाटी की स्थापना 1994 में हुई थी और यह देश का छठा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है। 1 सितंबर 2026 को संस्थान ने अपना 33वाँ स्थापना दिवस मनाया।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने आईआईटी गुवाहाटी के स्थापना दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आईआईटी गुवाहाटी देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है और विज्ञान-प्रौद्योगिकी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों और छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
पूर्वोत्तर भारत में आईआईटी गुवाहाटी का क्या महत्व है?
आईआईटी गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा, नवाचार और तकनीकी अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है। इसने असम और समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र को ज्ञान व प्रौद्योगिकी के गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।
33वें स्थापना दिवस समारोह में क्या अपेक्षित था?
समारोह में पिछले 33 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किए जाने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास में संस्थान की भविष्य की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला जाना अपेक्षित था।
आईआईटी गुवाहाटी किन क्षेत्रों में अनुसंधान करता है?
आईआईटी गुवाहाटी इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयक अनुसंधान के क्षेत्रों में कार्य करता है। इसके अलावा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी संस्थान की भूमिका उल्लेखनीय रही है।
राष्ट्र प्रेस
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