ओडिशा में 6 IPS अधिकारियों का तबादला: हिमांशु कुमार लाल बने EOW और STF के IG
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सरकार ने 21 अगस्त 2026 को गृह विभाग के माध्यम से 6 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले और नई पोस्टिंग के आदेश जारी किए, जिसमें हिमांशु कुमार लाल को राज्य की दो सबसे संवेदनशील जांच इकाइयों — इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) — का इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकताओं और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्य नियुक्तियाँ और बदलाव
हिमांशु कुमार लाल, जो इससे पहले आईजी पुलिस, नॉर्दर्न रेंज, संबलपुर के पद पर तैनात थे, अब भुवनेश्वर में EOW और STF की कमान संभालेंगे। EOW आर्थिक अपराधों की जांच करती है जबकि STF संगठित अपराध और विशेष अभियानों के लिए जिम्मेदार है — दोनों राज्य पुलिस की सर्वाधिक चर्चित इकाइयाँ हैं।
सत्यब्रत भोई, जो आईजी पुलिस, नॉर्थ सेंट्रल रेंज, तालचेर के साथ-साथ पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC), अंगुल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे, उन्हें अब आईजी पुलिस, इंटेलिजेंस के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। इंटेलिजेंस विंग राज्य की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की रीढ़ मानी जाती है।
इंटेलिजेंस से सदर्न रेंज तक फेरबदल
जय नारायण पंकज, जो आईजी पुलिस, इंटेलिजेंस, भुवनेश्वर के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण आईजी पुलिस, सदर्न रेंज, ब्रह्मपुर के रूप में किया गया है। उनकी जगह नीति शेखर, जो सदर्न रेंज, ब्रह्मपुर के आईजी थे, अब आईजी पुलिस (प्रोविजनिंग), एसपी मुख्यालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रोविजनिंग विंग पुलिस बल के लॉजिस्टिक्स और संसाधन आपूर्ति से संबंधित कार्य देखती है।
डीआईजी स्तर पर प्रमोशन और नई तैनाती
चरण सिंह मीणा, जो डीआईजी पुलिस, प्रोविजनिंग के पद पर थे, उन्हें पदोन्नति के साथ डीआईजी पुलिस, नॉर्दर्न रेंज, संबलपुर तैनात किया गया है। वहीं आशीष कुमार सिंह, जो हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं, उन्हें डीआईजी पुलिस, नॉर्थ सेंट्रल रेंज, तालचेर नियुक्त किया गया है और साथ ही उन्हें प्रिंसिपल, PTC, अंगुल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
सरकार का उद्देश्य
गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशासनिक फेरबदल का मकसद अनुभवी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनात कर जांच प्रणाली और पुलिस प्रशिक्षण दोनों को अधिक प्रभावी बनाना है। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में आर्थिक अपराध और संगठित अपराध के मामलों पर सरकार की विशेष नज़र बनी हुई है। आगामी दिनों में इन नई नियुक्तियों के बाद संबंधित विंग के कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है।