क्या ओडिशा में 31 साल बाद एससी-एसटी समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन ऐतिहासिक है?

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क्या ओडिशा में 31 साल बाद एससी-एसटी समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन ऐतिहासिक है?

सारांश

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एससी-एसटी समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन 31 वर्षों के बाद हो रहा है। क्या यह सम्मेलन वास्तव में ऐतिहासिक साबित होगा? जानें इस सम्मेलन के उद्देश्यों और महत्व के बारे में।

Key Takeaways

  • 31 वर्षों बाद आयोजित सम्मेलन
  • 20 राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
  • सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का उद्देश्य
  • अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण पर चर्चा
  • नई नीतियों का आदान-प्रदान

भुवनेश्वर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुक्रवार को अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण समितियों के अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जो शनिवार तक जारी रहेगा। ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने इसे राज्य और देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।

यह सम्मेलन करीब 31 वर्षों के अंतराल के बाद ओडिशा में पुनः आयोजित हो रहा है, जिसमें संसद और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की एससी/एसटी समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों ने भाग लिया।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में लगभग 20 राज्यों के प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और लोकसभा एवं राज्यसभा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र प्रेस से कहा, "इस सम्मेलन का मुख्य मकसद विभिन्न राज्यों में एससी/एसटी कल्याण समितियों की सिफारिशों, अध्ययनों और कार्यान्वयन की स्थिति पर विचार-विमर्श करना है। साथ ही, यह एक ऐसा मंच है जहां सभी राज्य एक-दूसरे से सीख सकते हैं और बेहतरीन नीतियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।"

उन्होंने यह भी बताया कि ओडिशा जैसे जनजातीय बहुल राज्य में इस प्रकार का सम्मेलन होना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा, "यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से देश के राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री दोनों ही आते हैं। राज्य सरकार अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण के लिए जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक पूरी तरह से समर्पित है।"

सुरमा पाढ़ी ने आगे कहा कि यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक रणनीतियों को साझा करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है।"

विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौके पर उम्मीद जताई कि सम्मेलन के माध्यम से जो चर्चाएं होंगी, वे देशभर में एससी/एसटी वर्गों के कल्याण के लिए नए रास्ते खोलेंगी और नीतिगत फैसलों में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।

Point of View

बल्कि विचारों का आदान-प्रदान और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग का एक मंच है। ऐसे आयोजनों से राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर नीतिगत सुधारों की उम्मीद जगती है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

यह सम्मेलन कब और कहाँ हो रहा है?
यह सम्मेलन 29 अगस्त 2023 को भुवनेश्वर में प्रारंभ हुआ और 30 अगस्त तक चलेगा।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों में एससी/एसटी कल्याण समितियों की सिफारिशों और कार्यान्वयन की स्थिति पर विचार करना है।