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दिल्ली-एनसीआर: क्या जहरीली हवा का कहर बढ़ता जाएगा? एक्यूआई 400 के पार; 25 दिसंबर से तापमान में गिरावट

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दिल्ली-एनसीआर: क्या जहरीली हवा का कहर बढ़ता जाएगा? एक्यूआई 400 के पार; 25 दिसंबर से तापमान में गिरावट

सारांश

दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण ने एक बार फिर से गंभीर स्थिति बना ली है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार चला गया है, जिससे कई लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। प्रशासन ने नियम लागू किए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिखाई देती।

मुख्य बातें

दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का स्तर 'अति गंभीर' हो गया है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स कई क्षेत्रों में 400 के पार जा चुका है।
प्रदूषण से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
प्रशासन ने ग्रेप -4 के नियम लागू किए हैं।
लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण एक बार फिर बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच चुका है, जो कि ‘अति गंभीर’ श्रेणी में आता है।

गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में एक्यूआई 460 दर्ज किया गया, वहीं इंदिरापुरम में 412, लोनी में 401 और संजय नगर में 387 रहा। नोएडा की स्थिति भी बहुत चिंताजनक है। सेक्टर-1 में एक्यूआई 460, सेक्टर-116 में 429, सेक्टर-125 में 419 और सेक्टर-62 में 398 दर्ज किया गया।

दिल्ली के हालात और भी भयावह हो रहे हैं। आनंद विहार में एक्यूआई 468, नेहरू नगर में 457, ओखला फेज-2 में 455, आरके पुरम में 446, पंजाबी बाग में 441, पटपड़गंज में 439 और अशोक विहार में 443 रिकॉर्ड किया गया। चांदनी चौक में एक्यूआई 428, बवाना में 427, डीटीयू में 420, पुसा में 417 और अलीपुर में 407 दर्ज हुआ। लगभग सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा सांस लेने के लिए अनुपयुक्त बन चुकी है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 25 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। 23 दिसंबर को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री रहा, जबकि 24 और 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। इस दौरान सुबह और रात के समय हल्का कोहरा छा सकता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ सकता है। प्रदूषण के चलते अस्पतालों में सांस, दमा, एलर्जी और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।

डॉक्टरों ने बताया कि ओपीडी में प्रदूषण से प्रभावित मरीजों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। हालात को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप -4 के नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके अंतर्गत दिल्ली में बीएस -6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, निर्माण कार्य बंद हैं और स्कूलों में ऑनलाइन/हाइब्रिड व्यवस्था लागू की गई है। इसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड, कोहरा, हवा की धीमी गति और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के चलते फिलहाल राहत की उम्मीद कम है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी ताकि हम एक स्वस्थ वातावरण में रह सकें।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है?
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ठंड, कोहरे, स्थानीय स्रोतों और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण बढ़ रहा है।
क्या एक्यूआई 400 से अधिक होना खतरनाक है?
जी हां, एक्यूआई 400 से अधिक होना 'अति गंभीर' श्रेणी में आता है और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रदूषण से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
प्रदूषण से बचने के लिए घर में रहना, मास्क पहनना और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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