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श्रीनगर एयरपोर्ट अक्टूबर बंदी पर उमर अब्दुल्ला ने उड्डयन मंत्री से की मुलाकात, विकल्प तलाशने की अपील

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श्रीनगर एयरपोर्ट अक्टूबर बंदी पर उमर अब्दुल्ला ने उड्डयन मंत्री से की मुलाकात, विकल्प तलाशने की अपील

सारांश

अक्टूबर में श्रीनगर एयरपोर्ट की 15-दिवसीय बंदी दुर्गा पूजा के पर्यटन सीजन पर भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिलकर शेड्यूल बदलने और अवंतीपोरा से वैकल्पिक उड़ानों की मांग रखी — घाटी की अर्थव्यवस्था के लिए यह फैसला निर्णायक साबित होगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 12 जून को उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मिलकर श्रीनगर एयरपोर्ट की अक्टूबर बंदी पर पुनर्विचार की मांग की।
1 से 15 अक्टूबर तक रनवे रखरखाव के लिए हवाई अड्डा पूरी तरह बंद रहने का प्रस्ताव है; इससे पहले जुलाई से हर सप्ताह सोमवार-मंगलवार को आंशिक बंदी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने अवंतीपोरा एयर बेस से सीमित नागरिक उड़ानें संचालित करने का सुझाव दिया।
हवाई अड्डे पर प्रतिदिन औसतन 4,000 यात्री ; दुर्गा पूजा सीजन में पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
ट्रैवल ऑपरेटरों और होटल उद्योग को बड़े पैमाने पर बुकिंग रद्द होने और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका।
भारतीय वायु सेना के 'नोटिस टू एयरमेन' के बाद 6 अप्रैल से ही आंशिक उड़ान प्रतिबंध लागू है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 12 जून को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से नई दिल्ली में मुलाकात की और 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को रखरखाव के लिए पूरी तरह बंद करने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि यह अवधि कश्मीर के पर्यटन के सबसे व्यस्त मौसम के साथ टकराती है, जिससे घाटी की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है।

मुख्यमंत्री की मांग और सुझाव

उमर अब्दुल्ला ने उड्डयन मंत्री से आग्रह किया कि रखरखाव के शेड्यूल की समीक्षा की जाए और यदि संभव हो तो इसे छोटा किया जाए, चरणों में विभाजित किया जाए, अथवा यात्रा के कम व्यस्त समय में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बंदी के दौरान अवंतीपोरा एयर बेस से सीमित नागरिक उड़ानें संचालित की जाएं, ताकि निवासियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए न्यूनतम हवाई संपर्क बना रहे।

मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक के बाद उन्होंने उड्डयन मंत्री से अक्टूबर बंदी के प्रस्ताव पर चर्चा की। उन्होंने कहा, 'हम परेशानी को कम करने और बेसिक फ्लाइट शेड्यूल बनाए रखने के लिए संभावित विकल्पों पर काम कर रहे हैं, जैसा कि 1998 और 2010 में इसी तरह के कारणों से एयरपोर्ट बंद होने पर किया गया था।'

बंदी की पृष्ठभूमि और चरणबद्ध योजना

हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, रनवे की मरम्मत परिचालन सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। भारतीय वायु सेना द्वारा जारी 'नोटिस टू एयरमेन' के बाद 6 अप्रैल से ही उड़ानों पर आंशिक प्रतिबंध लागू है। पूर्ण बंदी से पहले चरणबद्ध रखरखाव का काम जुलाई से शुरू होगा, जिसके तहत हर सप्ताह सोमवार और मंगलवार को हवाई अड्डा बंद रहेगा। इसका समापन 1 से 15 अक्टूबर तक की पूर्ण 15-दिवसीय बंदी के रूप में होगा।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

अक्टूबर में दुर्गा पूजा की छुट्टियों के दौरान पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आते हैं। ट्रैवल ऑपरेटरों को आशंका है कि बंदी के कारण बड़े पैमाने पर बुकिंग रद्द होंगी और होटल व पर्यटन क्षेत्र को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औसतन प्रतिदिन लगभग 4,000 यात्री आवागमन करते हैं।

गौरतलब है कि फिलहाल अधिकांश पर्यटक हवाई मार्ग अथवा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से घाटी पहुँचते हैं। जम्मू तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जम्मू से श्रीनगर के बीच रेल संपर्क अभी पूरी तरह चालू नहीं है, जिससे हवाई मार्ग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

विशेषज्ञ और उद्योग की प्रतिक्रिया

होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक लगातार समयसीमा पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि साल के सबसे व्यस्त घरेलू पर्यटन सीजन में हवाई संपर्क बाधित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लग सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर्यटन को आर्थिक पुनरुद्धार का मुख्य आधार मान रहा है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के बीच विकल्पों पर विचार-विमर्श जारी है। अवंतीपोरा एयर बेस से नागरिक उड़ानों की संभावना पर रक्षा मंत्रालय की सहमति भी आवश्यक होगी, जिसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पहले ही बातचीत हो चुकी है। अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय चुनाव नीतिगत संवेदनहीनता का उदाहरण है — दुर्गा पूजा सीजन कश्मीर के पर्यटन राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है। 1998 और 2010 की बंदियों का हवाला देना यह भी बताता है कि यह समस्या नई नहीं है, फिर भी दीर्घकालिक समाधान — जैसे वैकल्पिक हवाई अड्डे की तैयारी — अब तक नहीं हुआ। अवंतीपोरा से नागरिक उड़ानों का सुझाव व्यावहारिक है, पर इसके लिए रक्षा और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों के बीच समन्वय की दरकार होगी जो अक्सर धीमा रहता है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की आर्थिक पुनर्बहाली की घोषणाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए इस तरह की प्रशासनिक जटिलताओं से पार पाने की इच्छाशक्ति रखती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर एयरपोर्ट अक्टूबर में क्यों बंद होगा?
रनवे की अनिवार्य मरम्मत और रखरखाव के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 1 से 15 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। अधिकारियों के अनुसार यह परिचालन सुरक्षा के लिए जरूरी है और भारतीय वायु सेना ने 6 अप्रैल से ही 'नोटिस टू एयरमेन' जारी कर रखा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उड्डयन मंत्री से क्या मांग की?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रखरखाव शेड्यूल को छोटा करने, चरणों में बांटने या कम व्यस्त समय में स्थानांतरित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बंदी के दौरान अवंतीपोरा एयर बेस से सीमित नागरिक उड़ानें चलाने का सुझाव भी दिया।
इस बंदी से कश्मीर के पर्यटन पर क्या असर पड़ेगा?
अक्टूबर दुर्गा पूजा सीजन के कारण कश्मीर के पर्यटन का सबसे व्यस्त महीना है, जब पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ट्रैवल ऑपरेटरों को बड़े पैमाने पर बुकिंग रद्द होने और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
क्या बंदी के दौरान कोई वैकल्पिक व्यवस्था होगी?
मुख्यमंत्री ने अवंतीपोरा एयर बेस से सीमित नागरिक उड़ानों का सुझाव दिया है, जैसा 1998 और 2010 में किया गया था। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय रक्षा और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों की सहमति के बाद ही होगा।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर कितने यात्री प्रतिदिन आते-जाते हैं?
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औसतन प्रतिदिन लगभग 4,000 यात्री आवागमन करते हैं। फिलहाल अधिकांश पर्यटक हवाई मार्ग या जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से घाटी पहुँचते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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