ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास नर्मदा नदी में नाव पलटी, सभी 10 तीर्थयात्री सुरक्षित

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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास नर्मदा नदी में नाव पलटी, सभी 10 तीर्थयात्री सुरक्षित

सारांश

खंडवा जिले में नर्मदा नदी में एक लकड़ी की नाव पलटने से बड़ा हादसा टल गया। सभी 10 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित बचाव ने सभी को राहत दी। जानें इस घटना के बारे में।

Key Takeaways

  • 10 तीर्थयात्री नर्मदा नदी में नाव पलटने से बच गए।
  • बचाव दल ने समय पर कार्रवाई की।
  • ओंकारेश्वर एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
  • नदी में सुरक्षा चिंताएँ बढ़ रही हैं।
  • किसी को भी चोट नहीं आई।

खंडवा (मध्य प्रदेश), 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को खंडवा जिले की नर्मदा नदी में एक लकड़ी की नाव पलट गई, जिसमें 10 तीर्थयात्री सवार थे। समय पर बचाव दल की कार्रवाई से सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, और कोई भी हताहत नहीं हुआ।

यह घटना ओंकारेश्वर मठ और नगर घाट के बीच हुई, जब श्रद्धालु पवित्र ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की परिक्रमा कर रहे थे, जो भगवान शिव के 12 पूजनीय ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

झारखंड के रांची से आए ये सभी तीर्थयात्री धार्मिक दर्शन के लिए इस पवित्र स्थल पर आए थे।

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि नाव एक चट्टान से टकराने के कारण पलट गई। उन्होंने कहा कि सभी 10 तीर्थयात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उन्हें पानी पर तैरने में मदद मिली। उन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों ने सुरक्षित निकाला।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

नर्मदा नदी के किनारे ओंकारेश्वर एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जो सालभर हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, विशेषकर त्योहारों और शुभ अवसरों पर।

नाव की सवारी तीर्थयात्रियों के लिए परिक्रमा का एक सामान्य तरीका है, लेकिन नदी में छिपी चट्टानों और बदलते जलस्तर के कारण यह कभी-कभी खतरनाक हो जाती है।

यह घटना ओंकारेश्वर के घाटों पर सुरक्षा को लेकर उठने वाले चिंताओं के बीच हुई है।

हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में नर्मदा नदी में कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनका कारण अक्सर पानी के नीचे की चट्टानें और घटते जल स्तर होते हैं।

सभी तीर्थयात्रियों को कोई चोट नहीं आई और बचाव कार्य के बाद उन्हें उचित सहायता दी गई।

Point of View

खासकर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के संदर्भ में। जब भी लोग धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं, सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना आवश्यक है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

यह घटना कब हुई थी?
यह घटना 10 अप्रैल को हुई थी।
कितने तीर्थयात्री नाव में सवार थे?
नाव में 10 तीर्थयात्री सवार थे।
बचाव कार्य किसने किया?
बचाव कार्य राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों ने किया।
क्या किसी को चोट आई?
नहीं, सभी तीर्थयात्रियों को कोई चोट नहीं आई।
क्या यह घटना सुरक्षितता से संबंधित चिंताओं को दर्शाती है?
हाँ, यह घटना तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को उजागर करती है।
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