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पावागढ़ पहाड़ी पर भारी बारिश में चट्टान गिरने से 2 तीर्थयात्रियों की मौत, 8 घायल — पंचमहल

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पावागढ़ पहाड़ी पर भारी बारिश में चट्टान गिरने से 2 तीर्थयात्रियों की मौत, 8 घायल — पंचमहल

सारांश

गुजरात के पावागढ़ तीर्थ स्थल पर 19 जून की सुबह भारी बारिश में चट्टानें गिरने से 2 श्रद्धालुओं की जान गई और 8 घायल हुए। मृतक खेड़ा जिले के निवासी हैं। बचाव दल ने सभी फँसे लोगों को निकाल लिया; प्रशासन ने जाँच शुरू की।

मुख्य बातें

पावागढ़ पहाड़ी पर 19 जून की सुबह 6 से 6:30 बजे के बीच भारी बारिश में चट्टान गिरने से हादसा हुआ।
हादसे में 2 तीर्थयात्रियों की मौत और 8 अन्य घायल — कुल 10 लोग प्रभावित।
दोनों मृतक खेड़ा जिले के निवासी; आधिकारिक पहचान अभी जारी नहीं।
घायलों को हलोल रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पावागढ़ पुलिस और बचाव दल ने सभी फँसे लोगों को निकाला; जाँच शुरू।
अधिकारियों ने मॉनसून में पहाड़ी यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की।

गुजरात के पंचमहल जिले में पावागढ़ तीर्थ स्थल पर शुक्रवार, 19 जून की सुबह भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सीढ़ियों पर अचानक चट्टानें गिरने से कम से कम 2 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए। मृतक दोनों खेड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक उनकी आधिकारिक पहचान जारी नहीं की है।

घटनाक्रम: कब और कहाँ हुई दुर्घटना

सूत्रों के अनुसार, यह हादसा सुबह 6 बजे से 6:30 बजे के बीच पटिया पुल के निकट हुआ, जहाँ श्रद्धालु पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर की ओर चढ़ाई कर रहे थे। इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चट्टानें अचानक टूटकर तीर्थयात्रियों के मार्ग पर आ गिरीं। चट्टानों के ढलान से नीचे खिसकने के बाद कई श्रद्धालु मलबे में दब गए, जिससे घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।

कुल 10 लोग इस हादसे की चपेट में आए — 2 की मौके पर मृत्यु हो गई, जबकि 8 घायलों को उपचार के लिए हलोल रेफरल अस्पताल ले जाया गया।

बचाव अभियान और चुनौतियाँ

पावागढ़ पुलिस के जवान और बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। बचाव कार्य के दौरान इलाके में भारी बारिश जारी रहने से आपातकालीन कर्मियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने पुष्टि की कि अभियान के समाप्त होने तक कोई भी व्यक्ति मलबे में फँसा नहीं रहा।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस और जिला प्रशासन ने चट्टान गिरने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि मॉनसून के मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए।

पावागढ़ का महत्व और मॉनसून जोखिम

पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित महाकाली माता मंदिर गुजरात के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहाँ वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। गौरतलब है कि मॉनसून के दौरान पहाड़ी की चट्टानें कमज़ोर हो जाती हैं और भूस्खलन व पत्थर गिरने की घटनाएँ इस क्षेत्र में पहले भी दर्ज की जा चुकी हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब गुजरात के कई हिस्सों में मानसून की शुरुआती बारिश ने तेज़ी पकड़ ली है।

आगे क्या

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मॉनसून के दौरान पावागढ़ पहाड़ी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जाएगा। घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी चेतावनी प्रणाली और पहाड़ी मार्गों की नियमित भू-तकनीकी जाँच का अभाव दिखता है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल जाँच तक सीमित रहेगा, या मॉनसून-पूर्व सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पावागढ़ पहाड़ी पर चट्टान गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह हादसा 19 जून की सुबह 6 से 6:30 बजे के बीच पंचमहल जिले में पावागढ़ पहाड़ी पर पटिया पुल के पास हुआ, जहाँ श्रद्धालु महाकाली माता मंदिर की ओर चढ़ाई कर रहे थे।
पावागढ़ हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
हादसे में कुल 10 लोग प्रभावित हुए — 2 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हुए। घायलों को हलोल रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतक तीर्थयात्री कहाँ के निवासी थे?
सूत्रों के अनुसार दोनों मृतक गुजरात के खेड़ा जिले के निवासी थे। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक उनकी आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
पावागढ़ में चट्टान क्यों गिरी?
अधिकारियों के अनुसार इलाके में लगातार भारी बारिश के कारण चट्टानें कमज़ोर होकर अचानक टूट गईं और तीर्थयात्रियों के मार्ग पर गिर गईं। घटना के सटीक कारणों की जाँच जारी है।
क्या पावागढ़ तीर्थ स्थल पर अभी भी खतरा है?
बचाव दल ने पुष्टि की है कि कोई भी व्यक्ति मलबे में फँसा नहीं है और राहत अभियान समाप्त हो चुका है। प्रशासन ने मॉनसून के दौरान पहाड़ी यात्रा में सावधानी बरतने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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