शेखपुरा में ऑपरेशन मुस्कान: पुलिस ने 25 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, कीमत ₹4.57 लाख
सारांश
मुख्य बातें
शेखपुरा पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों की तकनीकी जाँच कर 25 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹4 लाख 57 हजार बताई गई है। पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने स्वयं सत्यापन के बाद मोबाइल फोन धारकों को सुपुर्द किए।
अभियान की कार्यप्रणाली
जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी से जुड़े मामलों का डेटा एकत्र कर तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से इन फोन को ट्रेस किया गया। पुलिस ने डिवाइस आईडी और नेटवर्क डेटा के आधार पर एक-एक मोबाइल की पहचान की और उसके वैध स्वामी तक पहुँचाया। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष साफ दिखाई दिया।
अभियान का व्यापक रिकॉर्ड
गौरतलब है कि जनवरी 2025 से मई 2026 तक इसी अभियान के अंतर्गत शेखपुरा पुलिस लगभग 250 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा चुकी है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि ऑपरेशन मुस्कान एक एकल कार्रवाई नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाला संस्थागत प्रयास है।
एसपी की प्रतिक्रिया
एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले में मोबाइल गुमशुदगी के हर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
दिल्ली में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़
इसी दौरान दिल्ली की साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह फर्जी ऑनलाइन हेलीकॉप्टर और ट्रैवल बुकिंग वेबसाइटों के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। मामले की शुरुआत एक पीड़ित से ₹20,328 की ठगी की शिकायत से हुई।
आरोपियों ने फर्जी वेबसाइटें बनाकर उन्हें सरकारी या अधिकृत ट्रैवल पोर्टल जैसा दिखाया और यात्रा बुकिंग का झाँसा देकर पैसे ऐंठे। जाँच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल पेमेंट चैनल, डोमेन रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, ईमेल अकाउंट, आईपी लॉग और होस्टिंग सर्विस से प्राप्त तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया। तकनीकी जाँच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने बिहार के नालंदा से ओमप्रकाश कुमार और रोहित कुमार को गिरफ्तार किया।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर अपराध के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और पुलिस बलों द्वारा तकनीकी क्षमता का उपयोग कर नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास सराहनीय माने जा रहे हैं।