27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शेखपुरा में ऑपरेशन मुस्कान: पुलिस ने 25 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, कीमत ₹4.57 लाख

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शेखपुरा में ऑपरेशन मुस्कान: पुलिस ने 25 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, कीमत ₹4.57 लाख

सारांश

शेखपुरा पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान सिर्फ 25 मोबाइल की वापसी नहीं — यह डेढ़ साल में 250 फोन लौटाने का सिलसिला है। तकनीकी अनुसंधान से नागरिकों की खोई संपत्ति वापस दिलाना बिहार पुलिस की बदलती कार्यशैली का प्रमाण है।

मुख्य बातें

शेखपुरा पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 25 गुम मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को सौंपे।
बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹4 लाख 57 हजार है।
जनवरी 2025 से मई 2026 तक इसी अभियान के तहत लगभग 250 मोबाइल फोन वापस किए जा चुके हैं।
एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने सत्यापन के बाद स्वयं मोबाइल धारकों को सुपुर्द किए।
दिल्ली साइबर पुलिस ने फर्जी ट्रैवल बुकिंग वेबसाइट चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार किए, जिनमें नालंदा के ओमप्रकाश कुमार और रोहित कुमार शामिल हैं।

शेखपुरा पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों की तकनीकी जाँच कर 25 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹4 लाख 57 हजार बताई गई है। पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने स्वयं सत्यापन के बाद मोबाइल फोन धारकों को सुपुर्द किए।

अभियान की कार्यप्रणाली

जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी से जुड़े मामलों का डेटा एकत्र कर तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से इन फोन को ट्रेस किया गया। पुलिस ने डिवाइस आईडी और नेटवर्क डेटा के आधार पर एक-एक मोबाइल की पहचान की और उसके वैध स्वामी तक पहुँचाया। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष साफ दिखाई दिया।

अभियान का व्यापक रिकॉर्ड

गौरतलब है कि जनवरी 2025 से मई 2026 तक इसी अभियान के अंतर्गत शेखपुरा पुलिस लगभग 250 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा चुकी है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि ऑपरेशन मुस्कान एक एकल कार्रवाई नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाला संस्थागत प्रयास है।

एसपी की प्रतिक्रिया

एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले में मोबाइल गुमशुदगी के हर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

दिल्ली में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़

इसी दौरान दिल्ली की साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह फर्जी ऑनलाइन हेलीकॉप्टर और ट्रैवल बुकिंग वेबसाइटों के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। मामले की शुरुआत एक पीड़ित से ₹20,328 की ठगी की शिकायत से हुई।

आरोपियों ने फर्जी वेबसाइटें बनाकर उन्हें सरकारी या अधिकृत ट्रैवल पोर्टल जैसा दिखाया और यात्रा बुकिंग का झाँसा देकर पैसे ऐंठे। जाँच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल पेमेंट चैनल, डोमेन रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, ईमेल अकाउंट, आईपी लॉग और होस्टिंग सर्विस से प्राप्त तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया। तकनीकी जाँच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने बिहार के नालंदा से ओमप्रकाश कुमार और रोहित कुमार को गिरफ्तार किया।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर अपराध के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और पुलिस बलों द्वारा तकनीकी क्षमता का उपयोग कर नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास सराहनीय माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ साइबर साक्षरता अभी भी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन मुस्कान क्या है और यह कैसे काम करता है?
ऑपरेशन मुस्कान शेखपुरा पुलिस का एक सतत अभियान है जिसके तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों का डेटा एकत्र कर तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से फोन ट्रेस किए जाते हैं और असली मालिकों को लौटाए जाते हैं।
इस बार कितने मोबाइल बरामद हुए और उनकी कीमत क्या है?
इस बार ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 25 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कुल कीमत ₹4 लाख 57 हजार रुपए बताई गई है। एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने सत्यापन के बाद ये फोन मालिकों को सौंपे।
जनवरी 2025 से अब तक इस अभियान में कितने मोबाइल वापस किए गए हैं?
जनवरी 2025 से मई 2026 तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत शेखपुरा पुलिस लगभग 250 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा चुकी है।
दिल्ली में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
दिल्ली की साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने एक पीड़ित की ₹20,328 की ठगी की शिकायत पर जाँच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन, आईपी लॉग और डोमेन रजिस्ट्रेशन डेटा के विश्लेषण के बाद पुलिस ने बिहार के नालंदा से ओमप्रकाश कुमार और रोहित कुमार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फर्जी ट्रैवल बुकिंग गिरोह किस तरह लोगों को ठगता था?
आरोपियों ने फर्जी ऑनलाइन हेलीकॉप्टर और ट्रैवल बुकिंग वेबसाइटें बनाईं जो सरकारी या अधिकृत पोर्टल जैसी दिखती थीं। यात्रा बुकिंग का झाँसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते थे और यह गिरोह देशभर में इसी तरह से ठगी कर रहा था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले