नोएडा में 'ऑपरेशन रक्षा': 4 स्पा सेंटरों पर छापा, 28 महिलाएँ रेस्क्यू, 15 हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को 'ऑपरेशन रक्षा' के तहत नोएडा के चार स्पा सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर 28 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया और 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) सुनीति के पर्यवेक्षण में यह संयुक्त अभियान मानव तस्करी और महिला शोषण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।
अभियान की रूपरेखा और छापेमारी
थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) और थाना बीटा-2 की संयुक्त टीम ने शनिवार को एक साथ चार स्पा सेंटरों पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, अभियान का मुख्य लक्ष्य इन प्रतिष्ठानों के दस्तावेज़ों, कर्मचारियों की पहचान, संचालन व्यवस्था और वहाँ होने वाली गतिविधियों की गहन जाँच करना था। जाँच के दौरान कई स्थानों पर अनियमितताएँ और संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आईं, जिसके बाद 15 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
28 महिलाओं का रेस्क्यू और काउंसलिंग
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के सहयोग से 28 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी महिलाओं को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जा रही है और उनकी काउंसलिंग के साथ-साथ अन्य ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाएँ भी सुनिश्चित की जा रही हैं। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि कहीं इन महिलाओं को किसी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या मानव तस्करी के ज़रिये इन स्पा सेंटरों तक तो नहीं लाया गया था।
जाँच का दायरा और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जाँच की जाएगी। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेज़ों और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यदि जाँच में मानव तस्करी, देह व्यापार या किसी अन्य अपराध की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएँगे।
आगे भी जारी रहेगा 'ऑपरेशन रक्षा'
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन रक्षा' अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिले में संचालित स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जाँच की जाएगी, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब राज्य भर में मानव तस्करी और महिला शोषण के मामलों पर पुलिस की निगरानी कड़ी की जा रही है।