ऑपरेशन सिंदूर में सिविलियन कर्मियों की भूमिका अहम: नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन सिंदूर में सिविलियन कर्मियों ने लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सहयोग से नौसेना को निर्णायक ऑपरेशनल सपोर्ट दिया।
- नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में नौसेना सिविलियन समारोह में यह जानकारी दी।
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म, सक्षम (एनसीएमआईएस 2.0) और नवकल्प पहल का औपचारिक शुभारंभ किया।
- डिफेंस ट्रैवल सिस्टम के तहत नौसैनिक सिविलियनों को हवाई और रेल यात्रा में कैशलेस सुविधा मिलेगी।
- नौसेना पत्रिका 'उदंतिका' के 9वें संस्करण का विमोचन किया गया।
- सिविलियन कर्मियों को नौसेना का 'नींव का पत्थर' और 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताया गया।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026 — ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना को मिले ऑपरेशनल सपोर्ट में सिविलियन कर्मियों की भूमिका अत्यंत निर्णायक रही। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नौसेना सिविलियन समारोह 2026 में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिविलियन कर्मी नौसेना की संचालन क्षमता को मजबूत बनाने वाले एक अपरिहार्य स्तंभ हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में सिविलियन योगदान
एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की तैनाती के दौरान लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सहयोग के माध्यम से सिविलियन कर्मियों ने अग्रणी भूमिका निभाई। उनके बिना इस ऑपरेशन की सफलता संभव नहीं होती। यह पहली बार है जब किसी बड़े सैन्य अभियान में सिविलियन भूमिका को इस स्तर पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है।
इसके अलावा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, मिलन और इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक आयोजनों के सफल संचालन में भी इन कर्मियों का योगदान उल्लेखनीय रहा। ये आयोजन वैश्विक नौसैनिक कूटनीति में भारत की बढ़ती साख को दर्शाते हैं।
नौसेना सिविलियन समारोह 2026 — मुख्य घटनाक्रम
इस विशेष कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की निर्णायक प्रतिक्रिया पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि इस कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि ऐसे कृत्य भविष्य में दोबारा न हों।
संजय सेठ ने नौसैनिक सिविलियनों को भारतीय नौसेना का 'नींव का पत्थर' बताया। उन्होंने कहा कि इनकी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और अटूट समर्पण एक मजबूत, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार नौसेना के निर्माण में अहम स्तंभ हैं।
नई डिजिटल पहलों का शुभारंभ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने समारोह के दौरान तीन महत्वपूर्ण पहलों का औपचारिक शुभारंभ किया — आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म, सक्षम (एनसीएमआईएस 2.0) और नवकल्प पहल। ये पहलें नौसैनिक सिविलियनों के कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
उन्होंने डिफेंस ट्रैवल सिस्टम के लागू होने का भी उल्लेख किया, जिसके तहत नौसैनिक सिविलियनों को सरकारी कार्य के दौरान हवाई और रेल यात्रा के लिए कैशलेस सुविधा मिलेगी। साथ ही नौसेना की पत्रिका 'उदंतिका' के 9वें संस्करण का भी विमोचन किया गया, जिसमें संगठन की उपलब्धियां, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां और ज्ञान-साझाकरण की पहलें संकलित हैं।
जनशक्ति ही राष्ट्रशक्ति — नौसेना प्रमुख का संदेश
एडमिरल त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन 'जनशक्ति ही राष्ट्रशक्ति है' का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक प्लेटफॉर्म, सिस्टम और तकनीक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन नौसेना की वास्तविक ताकत उसके मानव संसाधन में निहित है। उन्होंने सिविलियन कर्मियों को 'फोर्स मल्टीप्लायर' की संज्ञा दी।
समारोह के दौरान विभिन्न कमांड और इकाइयों से चयनित उत्कृष्ट सिविलियन कर्मियों को रक्षा राज्य मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया और नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों के जरिए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा को सराहा गया।
यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भारत अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को तेजी से विस्तार दे रहा है। आने वाले समय में नौसेना में सिविलियन-सैन्य समन्वय को और अधिक संस्थागत स्वरूप दिए जाने की संभावना है, जो भारतीय नौसेना को एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।