क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' वह सबक है जो दुनिया को हमसे सीखना चाहिए?
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नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हमने पाकिस्तान को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जहां उन्हें युद्धविराम की मांग करनी पड़ी। जब हमारे सभी उद्देश्य पूरे हो गए, तब हमने भी शांति का निर्णय लिया। यह एक ऐसा सबक है जो दुनिया को हमसे सीखना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को नष्ट किया। इस दौरान, पाकिस्तानी बेस पर खड़े 4 से 5 एफ-16 लड़ाकू विमानों को भी निशाना बनाया गया।
इसके अलावा, वायुसेना ने कई पाकिस्तानी एयरबेस, रडार, कमांड सेंटर, रनवे, हैंगर और एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को भी भारी क्षति पहुंचाई। एयर चीफ मार्शल ने बताया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान का एक सी-130 श्रेणी का विमान और संभवतः एक उच्च मूल्य निगरानी विमान भी हिट हुआ।
भारतीय वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान के भारतीय विमानों को निशाना बनाने के दावों को सिरे से खारिज किया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "अगर पाकिस्तान सोचता है कि उन्होंने मेरे 15 विमान गिरा दिए, तो उन्हें ऐसा सोचने दें। उनकी कहानियाँ सिर्फ बनावटी हैं, उन्हें खुश रहने दें।"
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान की क्षति के संदर्भ में, हमने दो स्थानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया; तीन अलग-अलग एयरबेस पर उनके तीन हैंगर नष्ट हुए और हमारे पास सी-130 श्रेणी के विमान को नुकसान पहुँचाने के सबूत हैं।
उन्होंने कहा कि इस दौरान इतिहास का सबसे लंबा सफल मिसाइल स्ट्राइक किया गया, जो 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर था। इससे पाकिस्तान की गतिविधियों में काफी कमी आई। इतिहास में दर्ज होगा कि हमने 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर सबसे लंबा घातक वार किया।
उन्होंने कहा कि यह दुनिया के लिए एक सबक है, क्योंकि आजकल चल रहे कई युद्धों का कोई अंत नहीं दिखता। ऑपरेशन सिंदूर एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ शुरू किया गया और समय पर समाप्त किया गया।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने इस दौरान रूस से प्राप्त एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भी सराहना की और इसे 'बेहतरीन हथियार प्रणाली' बताया। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम भारत की लेयर्ड एयर डिफेंस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसने वायुसेना की क्षमता को और मजबूत किया है।
उनके बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत वास्तविक क्षमताओं और तथ्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, न कि मनगढ़ंत प्रचार पर। उन्होंने यह संदेश दिया कि भारतीय वायुसेना एयर सुपीरियॉरिटी बनाए रखने और अपने आकाश की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है।