पालघर के नालासोपारा में 15 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो सगे भाई गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व इलाके में एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म और घटना उजागर होने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पेल्हार पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को देर रात इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का विवरण
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह घटना 27 अक्टूबर की सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच हुई। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़े की दुकान के भीतर आरोपियों ने किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान अमन नतीफ शेख (24) और उसके बड़े भाई अरबाज शेख (30) के रूप में हुई है। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को यह धमकी भी दी कि यदि उसने इस घटना की जानकारी किसी को दी, तो उसकी फोटो और वीडियो उसकी माँ को भेजने के साथ-साथ वायरल कर दिए जाएंगे।
कानूनी कार्रवाई
30 अक्टूबर 2026 को देर शाम दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 65(1), 70(2), 351(2) तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम 2012 की धारा 4 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया। पेल्हार पुलिस ने देर रात दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
मुंबई में भी मिलता-जुलता मामला
इसी अवधि में मुंबई के पवई इलाके में भी एक 15 वर्षीय नाबालिग के साथ 27 और 28 अक्टूबर के बीच छह लोगों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई। मुंबई पुलिस ने पीड़िता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर सभी आरोपियों को पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामलों को लेकर सामाजिक चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि POCSO अधिनियम के तहत नाबालिग पीड़ितों के मामलों में त्वरित सुनवाई और विशेष अदालतों का प्रावधान है, जो न्याय की प्रक्रिया को तेज़ करने में सहायक है।
दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई को सकारात्मक माना जा रहा है। आगे की जाँच जारी है और मामला अदालत में विचाराधीन होगा।