पंचायत योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों पर BJP का पलटवार: गुरु प्रकाश पासवान बोले — भौतिक सत्यापन जरूरी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने 6 नवंबर 2026 को पटना में कहा कि पंचायत कल्याण योजनाओं में भौतिक सत्यापन (फिज़िकल वेरिफिकेशन) को अनिवार्य बनाना आवश्यक है, ताकि डुप्लिकेट और फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सके। उनका यह बयान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के उस प्रस्ताव के बचाव में आया, जिसमें पंचायत योजनाओं में आधार की जगह बायोमेट्रिक सत्यापन और वोटर आईडी के इस्तेमाल की बात कही गई है।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए थे कि पंचायत योजनाओं में पहचान के लिए आधार की जगह बायोमेट्रिक और वोटर आईडी को प्राथमिकता दी जाए। इस पर भाजपा प्रवक्ता पासवान ने तीखा जवाब देते हुए कहा — "कांग्रेस और राजद का स्वभाव है सवाल उठाना" — लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए विस्तृत संचालन दिशा निर्देश अभी आने बाकी हैं।
उन्होंने सरकारी योजनाओं की व्यापकता का हवाला देते हुए कहा कि 12 करोड़ से अधिक परिवार आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं, 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास योजना का लाभ मिला है, 60 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और इतने ही मुद्रा ऋण वितरित किए गए हैं।
विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला
पासवान ने विश्व बैंक की 'पॉवर्टी एंड इक्विटी रिपोर्ट' का उल्लेख करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 2011 से 2023 के बीच विश्व में सबसे तेज गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम भारत में चला और लगभग 19 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कांग्रेस की ओर से यह कहा जाता था कि 'पॉवर्टी इज ए स्टेट ऑफ माइंड', जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गरीब, वंचित, दलित और शोषित वर्ग को केंद्र में रखकर काम करती है।
राहुल गांधी और संसदीय मर्यादा पर हमला
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी की संसदीय कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को सदन में बहस का आमंत्रण दिया है, लेकिन विपक्ष के पास "न तर्क है, न तथ्य हैं, न कोई बुनियाद है" और वे बीच में ही बहस छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि "अपरिपक्व बालक की तरह व्यवहार ठीक नहीं" और 140 करोड़ लोगों की संप्रभुता के मंच पर मर्यादा का पालन होना चाहिए।
पासवान ने बांग्लादेश की राजनीतिक उथल पुथल का भी संदर्भ देते हुए कहा कि किसी में भी भारत को अराजकता में ले जाने की हिम्मत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे स्पष्ट करें कि वे देश में क्या करवाना चाहते हैं।
परिवारवादी राजनीति पर निशाना
नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत के संकेतों पर टिप्पणी करते हुए पासवान ने कहा कि जो नेता रामलीला मैदान में 'लोकतंत्र बचाओ' का नारा देते हैं, वे वास्तव में राजतंत्र की राजनीति करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सोनिया गांधी के पुत्र, लालू यादव के पुत्र, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, महबूबा मुफ्ती की पुत्री, शरद पवार की पुत्री और ममता बनर्जी के भतीजे — ये सभी 'परिवार बचाओ' की राजनीति के प्रतीक हैं और लोकतंत्र को वास्तविक खतरा इन्हीं से है।
इसके अलावा, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने केरल में सीजेपी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर कहा कि यह संगठन अब प्रासंगिक नहीं रहा और यदि वे मीडिया में बने रहने के लिए कुछ करना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं।
आगे क्या
पंचायत योजनाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन लागू करने के लिए विस्तृत संचालन दिशा निर्देश सरकार की ओर से अभी आने बाकी हैं। विपक्ष ने इस प्रस्ताव पर जो सवाल उठाए हैं, उनके जवाब में सरकार की स्पष्ट नीतिगत घोषणा का इंतज़ार है। यह देखना बाकी है कि आधार की जगह वैकल्पिक पहचान प्रणाली लागू करने का यह कदम कितना व्यावहारिक साबित होता है और इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा कब सामने आती है।