क्या पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर देश ने उन्हें याद किया?
सारांश
Key Takeaways
- पंडित बिरजू महाराज का योगदान भारतीय कथक में महत्वपूर्ण है।
- उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि दी गई।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके योगदान को सराहा।
- उनकी विरासत भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
- कथक नृत्य को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी भूमिका अद्वितीय है।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कथक नृत्य के सम्राट और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। पंडित बिरजू महाराज का निधन 17 जनवरी 2022 को हुआ था। उनकी जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने उन्हें याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "कथक सम्राट, पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। भारतीय शास्त्रीय नृत्य-कला को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने में आपका योगदान अद्वितीय है। आपकी नृत्य-साधना, कोमल भाव-अभिव्यक्ति तथा संगीत-ज्ञान की विलक्षणता भावी पीढ़ियों के लिए निरंतर प्रेरणा बनी रहेगी।"
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, "भारतीय शास्त्रीय नृत्य की कथक परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाले महान नर्तक एवं पद्म विभूषण से सम्मानित पं. बिरजू महाराज जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनकी साधना, संवेदना और कलात्मक विरासत सदैव भारतीय सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करती रहेगी।"
यूपी सरकार में मंत्री एके शर्मा ने लिखा, "भारतीय नृत्य कला को विश्व में प्रतिष्ठित करने वाले कथक सम्राट, पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।"
भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने लिखा, "कथक सम्राट, पद्म विभूषण से अलंकृत पंडित बिरजू महाराज जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। भारतीय शास्त्रीय नृत्य-कला को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने में आपका योगदान अद्वितीय और अविस्मरणीय है। आपकी नृत्य-साधना, कोमल भाव-अभिव्यक्ति तथा संगीत-ज्ञान की विलक्षण परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।"
राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने लिखा, "कथक सम्राट, पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। भारतीय शास्त्रीय नृत्य-कला को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने में आपका योगदान अद्वितीय है। आपकी नृत्य-साधना, कोमल भाव-अभिव्यक्ति तथा संगीत-ज्ञान की विलक्षणता भावी पीढ़ियों के लिए निरंतर प्रेरणा बनी रहेगी।"