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क्या हमें हर हाल में राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना होगा? : पप्पू यादव

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क्या हमें हर हाल में राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना होगा? : पप्पू यादव

सारांश

बिहार के सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उनके प्रति विश्वास रखती है। क्या यह महागठबंधन के लिए एक नया मोड़ होगा? जानिए इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की आवश्यकता पर जोर।
महागठबंधन की एकता के लिए मतभेद खत्म करने का सुझाव।
बिहार की जनता राहुल गांधी पर विश्वास करती है।
बिहार में मतदान दो चरणों में होगा।
कांग्रेस और राजद के बीच उम्मीदवारों को लेकर हलचल।

पटना, 22 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि हमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बिहार की जनता उन पर विश्वास करती है।

पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में परिवर्तन की आवश्यकता है और इंडिया गठबंधन की सरकार बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर राजद और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, उन सीटों पर समस्या का समाधान किया जाएगा। गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें नेतृत्व तय करेगा कि क्या करना है और आगे का रास्ता क्या होगा। हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि हमारे नेता बिहार को बचाने के लिए किसी भी बलिदान के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि किसी भी स्थिति में बिहार सुरक्षित रहे और यहां महागठबंधन की सरकार बने।

पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बिहार चुनाव के लिए प्रमुख चेहरा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बिहार में केवल दो ही चेहरे हैं: एक ओर पीएम मोदी और दूसरी ओर राहुल गांधीनीतीश कुमार केवल नाममात्र का चेहरा हैं। मेरी स्पष्ट राय है कि हमें हर हाल में राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना चाहिए। बिहार के लोग, चाहे वे दलित हों या अति पिछड़ा वर्ग, राहुल गांधी के संघर्ष पर विश्वास करते हैं।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आपसी मतभेदों को समाप्त करने के लिए 12 उम्मीदवारों को अपने नाम वापस लेने चाहिए, ताकि महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ सके।

यहां उल्लेखनीय है कि बिहार की कुछ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने जहां उम्मीदवार खड़े किए हैं, वहीं राजद ने भी अपने उम्मीदवार उतारा है। इससे कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है।

पप्पू यादव कई मौकों पर कह चुके हैं कि कांग्रेस ने हमेशा गठबंधन की मर्यादा का पालन किया है। लेकिन, जो मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते हैं, उन्हें भी गठबंधन धर्म निभाना चाहिए।

बिहार में मतदान दो चरणों में, 6 और 11 नवंबर को होगा और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इससे बिहार की राजनीति में एक नई दिशा मिल सकती है। यह चुनावी रणनीति का एक अहम पहलू है, जो गठबंधन को मजबूत कर सकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की आवश्यकता क्यों बताई?
पप्पू यादव का मानना है कि बिहार की जनता राहुल गांधी पर भरोसा करती है और उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ना अनिवार्य है।
महागठबंधन की एकता के लिए पप्पू यादव ने क्या सुझाव दिया?
उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को समाप्त करने के लिए 12 उम्मीदवारों को अपने नाम वापस लेने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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