क्या पश्चिम बंगाल में बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर नकली मुद्रा की तस्करी को नाकाम किया?
सारांश
Key Takeaways
- सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा की तस्करी को नाकाम किया।
- बीएसएफ ने 616 नकली नोट जब्त किए जिनका मूल्य 3,08,000 रुपए है।
- इससे पहले, बीएसएफ ने सोने की तस्करी के प्रयास को भी विफल किया था।
- तस्करी के मामलों में खुफिया जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कोलकाता, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल से एक महत्वपूर्ण समाचार आई है। यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर नकली मुद्रा की तस्करी के एक बड़े प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान बीएसएफ ने बड़ी मात्रा में नकली नोट भी जब्त किए हैं।
बीएसएफ की ओर से बताया गया कि दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की 194वीं बटालियन के जवानों ने इस तस्करी के प्रयास को नाकाम किया।
कुल मिलाकर, 616 नकली नोट जिनका मूल्य 3,08,000 रुपए है, जब्त किए गए।
याद रहे कि इससे पहले, 27 नवंबर को, बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगभग 1.02 करोड़ रुपए मूल्य का सोना जब्त किया था, जो एक साइकिल के टायर के अंदर छिपा हुआ था।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी, "119वीं बटालियन के जवानों को बांग्लादेश से भारत में सोने की तस्करी के प्रयास की खुफिया जानकारी मिली थी। सीमा पर निगरानी बढ़ाने के बाद, एक संदिग्ध व्यक्ति साइकिल लेकर सीमा की ओर बढ़ता हुआ पाया गया। उसे रोका गया और साइकिल की जांच की गई।"
जांच के दौरान, साइकिल का अगला टायर असामान्य रूप से उभरा हुआ था, जिससे जवानों को संदेह हुआ और उन्होंने साइकिल की गहराई से जांच की। इसके परिणामस्वरूप, सात सोने के बिस्कुट मिले।
इसके अतिरिक्त, 26 नवंबर को भी बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारतीय तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके पास से लगभग 2.5 करोड़ रुपए मूल्य का सोना जब्त हुआ।
गिरफ्त में आए आरोपी से पूछताछ के आधार पर, रैकेट के मुख्य सूत्रधार को भी गिरफ्तार किया गया। बीएसएफ के उत्तर बंगाल फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर रतन बिश्रा नामक एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया।