28 जून 2026
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पटना साइंस कॉलेज में बनेगी यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज: सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान

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पटना साइंस कॉलेज में बनेगी यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज: सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना साइंस कॉलेज के निरीक्षण के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज की स्थापना का ऐलान किया — एक ऐतिहासिक संस्थान को राष्ट्रीय विज्ञान अनुसंधान केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी कोशिश।

मुख्य बातें

सीएम सम्राट चौधरी ने 28 जून 2026 को पटना साइंस कॉलेज परिसर में यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज स्थापित करने की घोषणा की।
नए विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएँ , अनुसंधान केंद्र और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
छात्रावास और खेल मैदानों की व्यवस्था सुधारने के लिए शीघ्र विशेष टीम भेजी जाएगी।
पटना कॉलेजिएट स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की गई।
निरीक्षण में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत , प्रधान सचिव दीपक कुमार और प्राचार्या प्रो.

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 जून 2026 को पटना साइंस कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और परिसर में यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज की स्थापना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय भौतिकी एवं विज्ञान के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा, नवाचार और अत्याधुनिक अनुसंधान का केंद्र बनेगा।

मुख्य घोषणाएँ और योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए विश्वविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय की स्थापना और परिसर के समग्र विकास के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।

सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, अनुसंधान केंद्र, उन्नत शैक्षणिक अधोसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही छात्रावास और खेल मैदानों की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र एक विशेष टीम भेजी जाएगी।

ऐतिहासिक संस्थान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने पटना साइंस कॉलेज की गौरवशाली शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक संस्थान को विज्ञान अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थान के रूप में पुनः स्थापित करना चाहती है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को लेकर लंबे समय से आलोचनाओं का सामना करता रहा है।

गौरतलब है कि पटना साइंस कॉलेज की स्थापना 1927 में हुई थी और यह देश के प्राचीनतम विज्ञान संस्थानों में से एक है। इस संस्थान से कई著名 वैज्ञानिक और शिक्षाविद् निकले हैं, लेकिन हाल के दशकों में संसाधनों की कमी के कारण इसकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

पटना कॉलेजिएट स्कूल का भी निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना कॉलेजिएट स्कूल का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस स्कूल के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए इसे मॉडल (आदर्श) स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा।

अधिकारियों की उपस्थिति और प्रस्तुतीकरण

निरीक्षण के दौरान साइंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अलका ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कॉलेज की वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सम्राट चौधरी के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञान और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बनेगा। अब देखना यह होगा कि समयबद्ध कार्ययोजना कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में उच्च शिक्षा सुधारों का इतिहास बताता है कि घोषणाएँ और क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रही है। राज्य के कई विश्वविद्यालय वर्षों से शिक्षकों की कमी, परीक्षा परिणामों में देरी और जर्जर बुनियादी ढाँचे से जूझ रहे हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या इस बार 'समयबद्ध कार्ययोजना' में बजट आवंटन, भर्ती रोडमैप और जवाबदेही तंत्र शामिल होंगे — या यह महज एक और उद्घाटन-केंद्रित घोषणा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना साइंस कॉलेज में यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज क्या है?
यह बिहार सरकार की एक प्रस्तावित उच्च शिक्षा संस्था है, जिसे पटना साइंस कॉलेज परिसर में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भौतिकी और विज्ञान के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा, नवाचार और अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
सीएम सम्राट चौधरी ने यह घोषणा कब और कहाँ की?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 जून 2026 को पटना साइंस कॉलेज के निरीक्षण के दौरान यह घोषणा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का विस्तृत अवलोकन किया और अधिकारियों को विकास के निर्देश दिए।
नए विश्वविद्यालय में कौन-सी सुविधाएँ होंगी?
मुख्यमंत्री के अनुसार, विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, अनुसंधान केंद्र, उन्नत शैक्षणिक अधोसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसके अलावा छात्रावास और खेल मैदानों की व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।
पटना कॉलेजिएट स्कूल के बारे में क्या घोषणा हुई?
सीएम सम्राट चौधरी ने पटना कॉलेजिएट स्कूल को मॉडल (आदर्श) स्कूल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
यह विश्वविद्यालय बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
पटना साइंस कॉलेज 1927 में स्थापित देश के प्राचीनतम विज्ञान संस्थानों में से एक है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी विज्ञान अनुसंधान केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करना चाहती है, जो न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के शोधकर्ताओं को आकर्षित करे।
राष्ट्र प्रेस
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