पटना: सोनू-मोनू गैंग पर STF समेत 3 DSP की टीमें सक्रिय, फायरिंग के बाद सोनू सिंह फरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पटना जिले में मोकामा क्षेत्र के विधायक अनंत सिंह के समर्थक मुकेश सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने सोनू-मोनू गैंग के विरुद्ध बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ दिया है। 26 मई को मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के लिए 3 डीएसपी (DSP) के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को भी छापेमारी में शामिल किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पचमहला थाने में रविवार को हुई गोलीबारी के संबंध में सोनू सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। उसके बाद से वह फरार है। अधिकारियों के अनुसार, कई जिलों के संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
विवाद की जड़ क्या है
जलालपुर निवासी मुकेश सिंह, जो नौरंगा जलालपुर पंचायत की सरपंच के पति हैं और विधायक अनंत सिंह के समर्थक हैं, ने सोशल मीडिया पर पचमहला थानाध्यक्ष की प्रशंसा करते हुए अपराधमुक्त पंचायत बनाने का संकल्प व्यक्त किया था। इस पोस्ट पर सोनू-मोनू के वकील पिता प्रमोद सिंह ने आपत्ति जताई और विवाद कहासुनी तक जा पहुँचा।
बहस बढ़ने पर प्रमोद सिंह ने अपने दोनों बेटों सोनू और मोनू को बुलाया। आरोप है कि दोनों भाई अपने सहयोगियों के साथ हथियारों से लैस होकर घटनास्थल पर पहुँचे और मुकेश सिंह पर फायरिंग की। मुकेश सिंह कथित तौर पर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
पुलिस को रोकने का प्रयास और निलंबन
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस जब सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुँची, तो स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को घर के अंदर जाने से रोका। पुलिसकर्मियों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया है।
पुरानी अदावत का संदर्भ
गौरतलब है कि सोनू-मोनू गैंग और विधायक अनंत सिंह के बीच पुरानी रंजिश रही है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब मोकामा क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत-स्तरीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और संगठित अपराध का यह गठजोड़ बिहार के कई क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
क्या होगा आगे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनू सिंह की गिरफ्तारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और STF की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस मामले को सामान्य अपराध से अलग श्रेणी में देख रहा है। छापेमारी का दायरा राज्य की सीमाओं तक बढ़ाया जा सकता है।