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पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की

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पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की

सारांश

पेट्रोलियम मंत्रालय ने दो दिन में दूसरी बार पैनिक बाइंग न करने की अपील की — क्योंकि असली समस्या कमी नहीं, अफवाह है। पिछले तीन दिनों में बुकिंग से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर हुए और 99% ऑनलाइन बुकिंग दर्ज की गई।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 22 मई को पुष्टि की कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है।
पिछले तीन दिनों में 1.32 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए।
20 मई को ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग दर उद्योग स्तर पर 99% और DAC-आधारित डिलीवरी 96% रही।
मार्च से अब तक 10.45 लाख पीएनजी कनेक्शन विस्तारित; 7.99 लाख नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया।
सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया कि केवल वास्तविक जरूरत के अनुसार ईंधन खरीदें और अफवाहों से बचें।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 22 मई को स्पष्ट किया कि देश भर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह स्थिर है और नागरिकों को घबराकर ईंधन खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल अपनी वास्तविक जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

मंत्रालय की आधिकारिक स्थिति

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी दबाव जरूर देखा गया है, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ लगातार आपूर्ति की निगरानी और समन्वित वितरण के जरिए स्थिति को संभाल रही हैं। मंत्रालय ने कहा कि जिम्मेदार खपत और जनता का सहयोग इस अधिक मांग वाले दौर में सभी के लिए ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

इससे पहले गुरुवार, 21 मई को भी सरकार ने देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक होने की पुष्टि की थी और लोगों से पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की अनावश्यक खरीदारी से बचने की सलाह दी थी। सरकार ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में लोगों से आग्रह किया कि वे सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

एलपीजी आपूर्ति के आँकड़े

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 20 मई को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग उद्योग स्तर पर लगभग 99 प्रतिशत तक पहुँच गई। सिलेंडर की कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी भी बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गई है।

मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन दिनों में लगभग 1.32 करोड़ बुकिंग के मुकाबले करीब 1.34 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई। केवल बुधवार को ही लगभग 45.36 लाख बुकिंग के मुकाबले 47.51 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुँचाए गए — यह आँकड़ा दर्शाता है कि आपूर्ति माँग से आगे बनी हुई है।

पीएनजी कनेक्शन और नए ग्राहक

पिछले तीन दिनों में करीब 1.87 लाख पाँच किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर भी बेचे गए हैं। मार्च से अब तक लगभग 7.64 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.81 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार किया गया है, जिससे कुल 10.45 लाख पीएनजी कनेक्शनों का विस्तार हुआ है। इसके अलावा करीब 7.99 लाख नए ग्राहकों ने गैस कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।

आम जनता पर असर और सरकार की सलाह

बढ़ती माँग के बीच कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई हैं, जिससे पैनिक बाइंग की आशंका और बढ़ी है। मंत्रालय का कहना है कि यह स्थिति वास्तविक कमी की नहीं, बल्कि अत्यधिक और अनावश्यक खरीदारी की वजह से है। नागरिक यदि जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें तो सभी के लिए आपूर्ति सुचारू बनी रह सकती है।

आगे क्या

मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि आपूर्ति श्रृंखला सक्रिय और मजबूत बनी हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ वितरण की निगरानी जारी रखेंगी और किसी भी क्षेत्र में कमी की स्थिति में तत्काल कदम उठाए जाएँगे। सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सरकारी खंडन उन्हें और हवा दे देता है। DAC-आधारित डिलीवरी का 96% तक पहुँचना कालाबाजारी रोकने के लिहाज से सकारात्मक है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह पारदर्शिता अंतिम उपभोक्ता तक पहुँचती है। बिना स्थानीय स्तर पर त्वरित सूचना तंत्र के, केंद्रीय आश्वासन केवल उन्हीं तक पहुँचते हैं जो पहले से डिजिटल रूप से जुड़े हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कमी है?
नहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर्याप्त और स्थिर है। कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी दबाव देखा गया है, जो वास्तविक कमी नहीं बल्कि पैनिक बाइंग के कारण है।
पैनिक बाइंग क्यों नहीं करनी चाहिए?
मंत्रालय का कहना है कि अनावश्यक और अत्यधिक खरीदारी से पेट्रोल पंपों पर कृत्रिम दबाव बनता है, जिससे जरूरतमंद लोगों को परेशानी होती है। जिम्मेदार खपत से सभी के लिए ईंधन की सुचारू उपलब्धता बनी रहती है।
पिछले तीन दिनों में कितने एलपीजी सिलेंडर डिलीवर हुए?
मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन दिनों में लगभग 1.32 करोड़ बुकिंग के मुकाबले करीब 1.34 करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए। बुधवार को अकेले 45.36 लाख बुकिंग के मुकाबले 47.51 लाख सिलेंडर पहुँचाए गए।
DAC-आधारित डिलीवरी क्या है और यह क्यों जरूरी है?
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) एक सत्यापन प्रणाली है जो एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए लागू की गई है। मंत्रालय के अनुसार यह दर बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुँचे।
मार्च से अब तक कितने पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं?
मंत्रालय के अनुसार मार्च से अब तक लगभग 7.64 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और 2.81 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल 10.45 लाख कनेक्शनों का विस्तार हुआ है। इसके अलावा 7.99 लाख नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया है।
राष्ट्र प्रेस
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