शिकागो में पीयूष गोयल की ADM, Target और Aon के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात, भारत में निवेश और मेक इन इंडिया पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के बाद शिकागो का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अमेरिकी कारोबारी जगत के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में निवेश, फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाएँ तलाशीं। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि भी अर्पित की तथा भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद किया।
मुख्य कारोबारी बैठकें
मंत्री गोयल ने आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (ADM) के बोर्ड चेयरमैन जुआन रिकार्डो लुसियानो से मुलाकात की, जिसमें भारत में ADM की उपस्थिति बढ़ाने और नए निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, कृषि से जुड़ी सप्लाई और वैल्यू चेन को आधुनिक बनाया जा रहा है, और देश में उपभोक्ताओं का बहुत बड़ा बाज़ार है — इन सभी वजहों से भारत में दीर्घकालिक साझेदारी और टिकाऊ विकास की काफ़ी संभावनाएँ हैं।'
Target के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ लीगल एंड कंप्लायंस ऑफिसर ग्रांट मैक्गी के साथ बैठक में मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत में मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने, Target की भारत में उपस्थिति को और सशक्त करने तथा भारत से सामान की खरीद बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा हुई।
AI और वित्तीय सेवाओं में भी पहल
Aon के सीईओ ग्रेग केस से हुई बैठक में भारत में कंपनी के मौजूदा कामकाज और आगे विस्तार की संभावनाओं पर बात हुई। इसके अलावा, Cognition के चीफ लीगल और ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर पॉल ग्रेवाल से मुलाकात में Cognition के एआई समाधानों के उपयोग और भारत में उसकी उपस्थिति को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक AI निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
ICAI नेताओं से संवाद
गोयल ने शिकागो, मिशिगन और ओहायो चैप्टर्स के इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के नेताओं और सदस्यों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला और रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के विज़न के अनुरूप देश में रिकॉर्ड एफडीआई और मज़बूत जीडीपी वृद्धि दर्ज हो रही है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते नई ऊँचाइयों पर हैं और दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग से लेकर AI तक के क्षेत्रों में हुई इन बैठकों से यह संकेत मिलता है कि सरकार विनिर्माण और प्रौद्योगिकी, दोनों मोर्चों पर विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिशों को गति दे रही है। आने वाले हफ्तों में इन बैठकों के ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं।