अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: PM मोदी का कोलकाता दौरा, BJP नेताओं ने बताया बंगाल के लिए ऐतिहासिक क्षण
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2025 को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। पश्चिम बंगाल में इस बार योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन हुआ, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया दी।
मुख्य आयोजन और योग दिवस का महत्व
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 12 वर्षों से दुनिया भर में योग दिवस मनाया जा रहा है और इस बार इसका प्रमुख आयोजन पश्चिम बंगाल में होना राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि बंगाल के घर-घर तक योग का संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से यह बड़ा आयोजन किया गया और पिछले 10 दिनों से लोग इसकी तैयारी कर रहे थे।
गंगा तट सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वयं उपस्थित रहने से यह दिन बंगाल के लिए और भी महत्वपूर्ण बन गया।
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है कि पूरी दुनिया में सम्मानित भारत के प्रधानमंत्री आज बंगाल में लोगों के साथ योग कर रहे हैं।
BJP सांसद सौमित्र खान ने इस दिन को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए कहा, 'आज का दिन ऐतिहासिक है। कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस आयोजन को और विशेष बना रही है। योग से निश्चित रूप से लाभ मिलता है। देश में योग का विशेष महत्व है और प्रधानमंत्री इसे लगातार बढ़ावा दे रहे हैं।'
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का उत्साह
BJP पार्षद मीना देवी पुरोहित ने कहा कि अब तक उन्होंने प्रधानमंत्री को केवल टेलीविजन पर योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लेते देखा था। उन्होंने कहा कि पहली बार पश्चिम बंगाल को यह अवसर मिला है कि प्रधानमंत्री मोदी उनके बीच आए हैं, जिससे लोगों में विशेष उत्साह है।
पश्चिम बंगाल के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री का कोलकाता में इस पैमाने पर योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होना BJP के लिए राज्य में जनाधार विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इस आयोजन का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव देखना दिलचस्प होगा।