'मन की बात' का 135वाँ एपिसोड: PM मोदी रविवार सुबह 11 बजे देश को करेंगे संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 29 जून 2025 को सुबह 11 बजे IST अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड के ज़रिए देशवासियों और विश्वभर में बसे भारतीयों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली से प्रसारित होगा और लाइव सुनने-देखने के कई माध्यम उपलब्ध रहेंगे।
कहाँ और कैसे देखें-सुनें
135वाँ एपिसोड ऑनएयर मोबाइल ऐप, AIR न्यूज़, DD न्यूज़, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर लाइव उपलब्ध होगा। जो श्रोता सीधा प्रसारण नहीं देख पाएंगे, वे सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्डेड संस्करण बाद में सुन और देख सकेंगे।
क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण
मूल हिंदी प्रसारण के बाद कार्यक्रम को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा, ताकि देश के दूर-दराज़ के क्षेत्रों के नागरिक भी प्रधानमंत्री का संदेश अपनी मातृभाषा में सुन सकें। यह बहुभाषी प्रसारण मॉडल 'मन की बात' की व्यापक पहुँच का एक अहम स्तंभ रहा है।
'मन की बात' का महत्व और विषय-वस्तु
अपनी शुरुआत से ही 'मन की बात' प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच सीधे संवाद का एक सशक्त माध्यम बना हुआ है। इस मंच पर शासन, नवाचार, युवा सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत, जनकल्याणकारी योजनाओं और समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले आम नागरिकों की प्रेरक कहानियों को स्थान मिलता रहा है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी घोषणाओं का मंच नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का एक जन-संवाद उपकरण भी है।
134वें एपिसोड में क्या था
इससे पूर्व 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को उजागर करते हुए देश के विभिन्न पारंपरिक पेय पदार्थों का उल्लेख किया था — यह संदर्भ देश में तेज़ी से बढ़ती गर्मी का था। उन्होंने राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना भी की थी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, स्थानीय परंपराओं और समाज सेवा से जुड़े नागरिकों के प्रयासों को रेखांकित करते हुए देशवासियों से ऐसे सकारात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया था।
135वें एपिसोड से क्या उम्मीदें
माना जा रहा है कि 135वें एपिसोड में प्रधानमंत्री समकालीन राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे और भारत के भविष्य को लेकर अपनी दृष्टि साझा कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश कई महत्वपूर्ण नीतिगत और सामाजिक चुनौतियों के बीच खड़ा है — ऐसे में प्रधानमंत्री का संदेश व्यापक जन-सरोकार का विषय बनता है।