PM मोदी ने वर्ल्डस्किल्स 2026 विजेताओं से की मुलाकात, बोले — कौशल प्रशिक्षण संस्थान IIT-IIM से कम नहीं
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन शंघाई 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय दल के सदस्यों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने युवा प्रतिभागियों की वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करने के लिए खुले दिल से सराहना की और कहा कि इन युवा अचीवर्स से बातचीत करना उन्हें खुशी देता है।
PM मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक के दौरान कौशल विकास को लेकर अपना स्पष्ट दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश में स्किल डेवलपमेंट के लिए अलग मंत्रालय बनाने का उद्देश्य यही था कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वही सम्मान और महत्व मिले जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) को मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे भारत की स्किल ट्रेनिंग प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार के साथ अपने अनुभव और सुझाव साझा करें।
भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
शंघाई के नेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (NECC) में 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। देश ने 6 सिल्वर मेडल और 20 'मेडलियन फॉर एक्सीलेंस' हासिल करते हुए समग्र रैंकिंग में 10वाँ स्थान प्राप्त किया।
यह नतीजा 2024 में फ्रांस के ल्योन में हुए पिछले संस्करण की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है, जहाँ भारत ने 4 ब्रॉन्ज मेडल और 12 'मेडलियन फॉर एक्सीलेंस' जीतकर 13वाँ स्थान प्राप्त किया था। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार कौशल विकास को रोज़गार नीति की रीढ़ बनाने पर ज़ोर दे रही है।
भारतीय दल की भागीदारी का विस्तार
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, इस छह दिवसीय प्रतियोगिता में लगभग 70 देशों और क्षेत्रों से 1,400 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारत ने इस बार अपना अब तक का सबसे बड़ा दल — 70 युवा प्रतिभागी — भेजा, जिन्होंने उभरती टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज और सर्विस जैसे क्षेत्रों में 63 स्किल कैटेगरीज में प्रतिस्पर्धा की।
विजेताओं को 27 सितंबर को शंघाई में हुए समापन समारोह में सम्मानित किया गया।
NSDC की भूमिका
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत की भागीदारी का समन्वय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) ने किया। इसमें सेक्टर स्किल काउंसिल, उद्योग साझेदारों, प्रशिक्षण संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग मिला। गौरतलब है कि यह बेहतर रैंकिंग भारत के कुशल कार्यबल की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक कौशल प्रतियोगिताओं में उसकी सुदृढ़ होती उपस्थिति का प्रमाण है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी की इस मुलाकात और उनके संदेश से स्पष्ट है कि सरकार व्यावसायिक कौशल को उच्च शिक्षा के समकक्ष प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में प्रतिबद्ध है। अब देखना यह होगा कि वर्ल्डस्किल्स के इन चैंपियनों के सुझाव देश की स्किल ट्रेनिंग नीति में किस तरह समाहित होते हैं।