PM मोदी ने ₹2,400 करोड़ का इंसेंटिव बाँटा, बोले — दुनिया भारत की युवा शक्ति को पहचान रही है
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के तहत ₹2,400 करोड़ का प्रोत्साहन राशि वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के युवाओं से सीधा संवाद किया और कहा कि विकसित राष्ट्रों के नेता भी अब भारत की युवा प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं।
योजना की उपलब्धियाँ
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 70 लाख नौकरियाँ सृजित की जा चुकी हैं। मोदी ने बताया कि लगभग 20 लाख युवा अपनी नई नौकरियों में छह महीने पूरे कर चुके हैं, जिनमें से 10 लाख लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। इन युवाओं के बैंक खातों में सीधे ₹2,000 करोड़ जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'यह राशि केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि उनके परिश्रम की पहचान और सराहना है।'
वैश्विक मंच पर भारत की साख
मोदी ने बताया कि वे कुछ घंटे पहले ही फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से लौटे हैं, जहाँ जी-7 शिखर सम्मेलन में विकसित देशों के नेताओं से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत के युवाओं की प्रतिभा, कौशल और संभावनाओं की चर्चा हो रही है। 'दुनिया भारत के युवाओं की क्षमता को भलीभाँति पहचानने लगी है,' — यह उनके संबोधन का केंद्रीय संदेश था।
रोजगार निर्माण का व्यापक ढाँचा
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में रोजगार के लिए उठाए गए कदमों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि ₹12 लाख करोड़ से अधिक के अवसंरचना निवेश से लाखों युवाओं के लिए अवसर बने हैं। मुद्रा योजना के तहत ₹33 लाख करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता से करोड़ों लोगों ने अपना व्यवसाय शुरू किया। इसके अलावा, 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और 3 करोड़ से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बनकर आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बनी हैं।
युवाओं के लिए आगे की राह
मोदी ने कहा कि भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है और 'विकसित भारत' का रास्ता यहाँ के युवाओं के सपनों, कौशल और सामर्थ्य से होकर जाता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभावान युवाओं को भरपूर अवसर, नवोन्मेषी विचारों वाले लोगों को मंच और उद्यमियों को सरकार का पूरा समर्थन मिलना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भविष्य की तकनीक की ओर तेज़ी से बढ़ रही है और भारत अपने युवाओं को 'फ्यूचर रेडी' बनाने में जुटा है।