6 अगस्त 2026
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पीएमवीबीआरवाई: PM मोदी ने ₹2,400 करोड़ के लाभ वितरित किए, 3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य

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पीएमवीबीआरवाई: PM मोदी ने ₹2,400 करोड़ के लाभ वितरित किए, 3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य

सारांश

विज्ञान भवन से PM मोदी ने PMVBRY के तहत ₹2,400 करोड़ के लाभ वितरित किए — यह उस योजना की पहली बड़ी परीक्षा है जिसका लक्ष्य 2027 तक 3.5 करोड़ औपचारिक रोजगार और ₹99,446 करोड़ का निवेश है। असली कसौटी अब क्रियान्वयन की होगी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में PMVBRY के तहत ₹2,400 करोड़ के लाभ वितरित किए।
योजना का लक्ष्य 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करना है।
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 और नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन मिलता है।
योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
देशभर में 200 समानांतर क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित हुए; महाराष्ट्र में करीब एक लाख लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के तहत देशभर के लाखों लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ के लाभ वितरित किए। यह कार्यक्रम रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार की प्रमुख पहल का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य समारोह को देशभर में फैले करीब 200 समानांतर क्षेत्रीय कार्यक्रमों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया। इन कार्यक्रमों में लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों ने भाग लिया। नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और ईपीएफओ सुविधाओं तथा हालिया श्रम सुधारों की जानकारी दी गई।

समारोह में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी उपस्थित रहीं।

योजना की संरचना

PMVBRY दो भागों में संचालित होती है। पहले भाग के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने के ईपीएफ वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दूसरे भाग में अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने वाले पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।

केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया है। 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को अधिक से अधिक औपचारिक रोजगार उपलब्ध कराने और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

महाराष्ट्र में क्षेत्रीय कार्यक्रम

मुंबई के बांद्रा स्थित आईसीएआई सभागार में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर 10 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के करीब एक लाख लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।

आगे की राह

केंद्र सरकार का मानना है कि PMVBRY औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और अधिकाधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। यह योजना 'विकसित भारत' के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, हालांकि लक्ष्य की वास्तविक पूर्ति जुलाई 2027 के बाद ही आंकी जा सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

446 करोड़ का बजटीय प्रावधान और 3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन यह पहली बार नहीं है कि सरकारी रोजगार योजनाओं ने बड़े अंकों से शुरुआत की हो। असली सवाल यह है कि क्या PMVBRY के तहत वितरित प्रोत्साहन राशि वास्तव में नए रोजगार सृजित कर रही है, या केवल उन नौकरियों को औपचारिक दर्ज कर रही है जो वैसे भी अस्तित्व में आतीं। नियोक्ता प्रोत्साहन की ₹3,000 प्रति माह की सीमा छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए पर्याप्त है या नहीं, यह भी विचारणीय है। जुलाई 2027 की समयसीमा से पहले स्वतंत्र रोजगार सत्यापन तंत्र की अनुपस्थिति इस योजना की जवाबदेही की सबसे बड़ी कमज़ोरी बनी हुई है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) क्या है?
PMVBRY केंद्र सरकार की एक रोजगार प्रोत्साहन योजना है जो पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों और अतिरिक्त रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को ईपीएफ-आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। इसका लक्ष्य 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करना है।
PMVBRY के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को कितना प्रोत्साहन मिलता है?
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने के ईपीएफ वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है। वहीं, अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने वाले पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।
PMVBRY के लिए सरकार ने कितना बजट निर्धारित किया है?
केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया है। 19 जून 2026 को PM मोदी ने इस योजना के तहत ₹2,400 करोड़ के लाभ लाभार्थियों को वितरित किए।
महाराष्ट्र में PMVBRY से कितने लोगों को फायदा मिलेगा?
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के करीब एक लाख लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। मुंबई के बांद्रा स्थित आईसीएआई सभागार में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में 10 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
PMVBRY योजना कब तक लागू रहेगी और इसका लक्ष्य क्या है?
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी है। इस अवधि में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने और अधिकाधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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