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पीएम-वीबीआरवाई: मोदी 19 जून को ₹2,400 करोड़ जारी करेंगे, 15 लाख रोजगार अवसर सृजित

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पीएम-वीबीआरवाई: मोदी 19 जून को ₹2,400 करोड़ जारी करेंगे, 15 लाख रोजगार अवसर सृजित

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 19 जून को पीएम-वीबीआरवाई के तहत ₹2,400 करोड़ जारी करेंगे — यह ₹99,446 करोड़ की उस योजना की बड़ी किस्त है जो अगस्त 2025 से लागू है और जिसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित करना है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जून 2026 को पीएम-वीबीआरवाई के तहत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी करेंगे।
योजना लागू होने के बाद से अब तक लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों के सृजन में सहायता मिली है।
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक और नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलता है।
विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को 4 वर्ष , अन्य क्षेत्रों को 2 वर्ष तक प्रोत्साहन का प्रावधान।
योजना का कुल परिव्यय ₹99,446 करोड़ ; लक्ष्य 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार और 1.92 करोड़ पहली बार नौकरी करने वाले युवा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जून 2026 (शुक्रवार) को एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के अंतर्गत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने 17 जून को इस कार्यक्रम की जानकारी दी। योजना के लागू होने के बाद से अब तक देशभर में लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों के सृजन में सहायता मिल चुकी है।

योजना की संरचना और लाभार्थी

पीएम-वीबीआरवाई दो स्तरों पर कार्य करती है — कर्मचारी और नियोक्ता। पहली बार औपचारिक नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे रोजगार की शुरुआत में आर्थिक आधार मिल सके। वहीं, नए रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।

सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए उस क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन की अवधि चार वर्ष निर्धारित की है, जबकि अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को यह लाभ दो वर्षों तक मिलेगा।

योजना का दायरा और वित्तीय प्रावधान

₹99,446 करोड़ के कुल परिव्यय वाली यह योजना अगस्त 2025 से लागू हुई थी। इसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों का सृजन करना है। पीएमओ के अनुसार, कुल लक्षित लाभार्थियों में लगभग 1.92 करोड़ युवा ऐसे होंगे जो पहली बार औपचारिक रूप से कार्यबल में प्रवेश करेंगे।

औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का उद्देश्य

योजना का मूल उद्देश्य कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। सरकार का कहना है कि यह पहल सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने और आर्थिक प्रगति का लाभ युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के रूप में पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को औपचारिक दायरे में लाना नीतिगत प्राथमिकता बनी हुई है।

आगे की राह

19 जून के कार्यक्रम में ₹2,400 करोड़ के वितरण के साथ योजना के क्रियान्वयन की गति को और तेज करने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, यह योजना विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी — विशेष रूप से रोजगार-आधारित विकास के मॉडल को सुदृढ़ करने में।

संपादकीय दृष्टिकोण

446 करोड़ की यह योजना संख्याओं में प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या 'सृजित रोजगार' के आँकड़े टिकाऊ और सत्यापन-योग्य हैं। अब तक के 15 लाख अवसरों का आँकड़ा पीएमओ का स्व-घोषित दावा है — इसका स्वतंत्र सत्यापन सार्वजनिक नहीं हुआ है। नियोक्ता-प्रोत्साहन मॉडल औपचारिकीकरण को बढ़ावा दे सकता है, परंतु यदि नियोक्ता प्रोत्साहन समाप्त होते ही रोजगार समाप्त कर दें, तो दीर्घकालिक लाभ सीमित रहेगा। 3.5 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है — इसे दो वर्षों में हासिल करने के लिए क्रियान्वयन की गति को कई गुना तेज करना होगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) क्या है?
पीएम-वीबीआरवाई केंद्र सरकार की एक रोजगार-प्रोत्साहन योजना है जो अगस्त 2025 से लागू है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है, और इसके लिए ₹99,446 करोड़ का कुल परिव्यय निर्धारित किया गया है।
19 जून को कितनी राशि जारी होगी और इसका लाभ किसे मिलेगा?
प्रधानमंत्री मोदी 19 जून 2026 को पीएम-वीबीआरवाई के तहत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी करेंगे। इसका लाभ पहली बार औपचारिक नौकरी पाने वाले कर्मचारियों और नए रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को मिलेगा।
पीएम-वीबीआरवाई के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को कितना प्रोत्साहन मिलता है?
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक की एकमुश्त राशि दी जाती है। नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन मिलता है — विनिर्माण क्षेत्र में चार वर्ष तक और अन्य क्षेत्रों में दो वर्ष तक।
योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित करना है, जिसमें लगभग 1.92 करोड़ युवा ऐसे होंगे जो पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करेंगे। अब तक लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों के सृजन में सहायता मिल चुकी है।
विनिर्माण क्षेत्र को इस योजना में विशेष प्राथमिकता क्यों दी गई है?
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार मानते हुए उसके नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन अवधि चार वर्ष रखी है, जो अन्य क्षेत्रों की दो वर्ष की अवधि से दोगुनी है। इसका उद्देश्य विनिर्माण में दीर्घकालिक और टिकाऊ रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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