पीएम मोदी ने जन विश्वास विधेयक के पारित होने पर खुशी जताई, बोले- मामलों के त्वरित निपटारे में मिलेगी सहायता
सारांश
Key Takeaways
- विधेयक का उद्देश्य: व्यापार और जीवन सुगमता में वृद्धि
- प्रमुख प्रावधान: 784 प्रावधानों में संशोधन
- न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी: मामलों के त्वरित निपटारे में सहायता
- सशक्त नागरिकता: भरोसे पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करना
- अनुपालन बोझ में कमी: छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा और राज्यसभा ने पारित किया है, जो देश में व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पीएम मोदी ने इस पर अपनी संतोष व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस विधेयक के पारित होने पर खुशी जताते हुए लिखा कि यह ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक नई रफ्तार देगा। यह खुशी की बात है कि संसद ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए भरोसे पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह पुराने और अप्रासंगिक नियमों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह मामलों के त्वरित निपटारे में सहायक होगा, मुकदमों के बोझ को कम करेगा और कई मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर करेगा। इस विधेयक की एक खास बात यह है कि इसे तैयार करते समय सभी पक्षों से सलाह-मशविरा किया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं उन सभी को बधाई देता हूं, जिन्होंने इस विधेयक के निर्माण में योगदान दिया और संसद में इसका समर्थन किया।
यह विधेयक सरकार की भरोसे पर आधारित शासन ढांचे को बढ़ावा देने और समानुपातिक नियमन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह व्यक्तियों और व्यवसायों पर अनुपालन बोझ को कम करने के लिए छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण और मौजूदा कानूनी प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने का प्रयास करता है।
विधेयक के अनुसार, 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इनमें से 717 प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण व्यापार सुगमता को बढ़ाने के लिए किया गया है, जबकि 67 प्रावधानों में संशोधन जीवन सुगमता को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
कुल मिलाकर, यह विधेयक छोटे अपराधों को समाप्त करके 1,000 से अधिक अपराधों को तर्कसंगत बनाने का प्रयास करता है, जिससे समग्र नियामक वातावरण में सुधार होगा और व्यवसायों तथा नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।