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PMSMA के 10 वर्ष पूर्ण: 9 जून से राष्ट्रव्यापी समारोह, JP नड्डा जारी करेंगे स्मारक सिक्का और डाक टिकट

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PMSMA के 10 वर्ष पूर्ण: 9 जून से राष्ट्रव्यापी समारोह, JP नड्डा जारी करेंगे स्मारक सिक्का और डाक टिकट

सारांश

9 जून 2016 को शुरू हुए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करेंगे। हर महीने की 9 तारीख को निशुल्क प्रसवपूर्व सेवाएँ देने वाली यह योजना मातृ मृत्यु दर घटाने में अहम भूमिका निभा चुकी है।

मुख्य बातें

9 जून 2026 से PMSMA के 10 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रव्यापी 'एक दशक की देखभाल' समारोह की शुरुआत।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
₹75 का स्मारक सिक्का और ₹5 का विशेष डाक टिकट जारी किया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9 तारीख को 9 निशुल्क सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जागरूकता अभियान और आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
अभियान 2016 से 2026 के बीच मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक रहा है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूरे होने पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 9 जून 2026 से देशभर में 'एक दशक की देखभाल' समारोह की शुरुआत की है। 9 जून 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुभारंभ की गई यह योजना भारत की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला बन चुकी है, जिससे करोड़ों गर्भवती महिलाएँ लाभान्वित हुई हैं।

उद्घाटन समारोह और विशेष स्मृति-चिह्न

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर वे ₹75 मूल्य का विशेष स्मारक सिक्का और ₹5 मूल्य का डाक टिकट जारी करेंगे — जो अभियान के एक दशक की सेवा और मातृ स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा।

PMSMA के तहत क्या मिलता है

इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9 तारीख को 9 सुनिश्चित निशुल्क सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिनमें व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल (एंटीनेटल केयर), निदान और परामर्श शामिल हैं। यह सेवाएँ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

राष्ट्रव्यापी आउटरीच गतिविधियाँ

समारोह के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जागरूकता अभियान और सामुदायिक आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को PMSMA के तहत उपलब्ध सेवाओं के प्रति प्रोत्साहित करना और समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल के महत्व को रेखांकित करना है।

एक दशक की उपलब्धियाँ

वर्ष 2016 से 2026 के बीच PMSMA भारत सरकार की प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य (RMNCH+A) नीति के तहत निरंतर देखभाल दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। बताया जा रहा है कि इस अभियान से देश में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है और करोड़ों परिवारों को सुरक्षित मातृत्व का लाभ मिला है।

आगे की राह

यह समारोह केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को और गहरा करने की प्रतिबद्धता का नवीनीकरण भी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में अभियान का विस्तार और सुदृढ़ीकरण जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्मारक सिक्कों और समारोहों से परे असली कसौटी यह है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में हर महीने की '9 तारीख' वास्तव में कितनी महिलाओं तक पहुँच पाती है। मातृ मृत्यु दर में गिरावट के आँकड़े उत्साहजनक हैं, परंतु राज्यवार असमानता — विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे उच्च-भार वाले राज्यों में — अभी भी गहरी चिंता का विषय है। दशक-पूर्ति समारोह को यदि केवल उपलब्धि-गान तक सीमित रखा गया और कवरेज की खामियों पर ईमानदार समीक्षा नहीं हुई, तो यह अवसर एक महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार के बिना ही गुज़र जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) क्या है?
PMSMA भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य योजना है, जिसे 9 जून 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 9 निशुल्क प्रसवपूर्व सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिनमें जाँच, निदान और परामर्श शामिल हैं।
PMSMA के 10 वर्ष पूर्ण होने पर क्या विशेष आयोजन हो रहे हैं?
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 9 जून 2026 से 'एक दशक की देखभाल' राष्ट्रव्यापी समारोह की शुरुआत की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा उद्घाटन की अध्यक्षता करेंगे और ₹75 का स्मारक सिक्का तथा ₹5 का डाक टिकट जारी करेंगे।
PMSMA के तहत गर्भवती महिलाओं को कौन-सी सेवाएँ मिलती हैं?
इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक माह की 9 तारीख को 9 सुनिश्चित निशुल्क सेवाएँ मिलती हैं — जिनमें व्यापक प्रसवपूर्व देखभाल, रक्त व मूत्र जाँच, अल्ट्रासाउंड, और उच्च-जोखिम गर्भावस्था की पहचान व परामर्श शामिल हैं।
इस अभियान से मातृ स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ा है?
बताया जा रहा है कि 2016 से 2026 के बीच PMSMA के कारण देश में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है और करोड़ों परिवार लाभान्वित हुए हैं। यह योजना सरकार की RMNCH+A नीति के तहत निरंतर देखभाल दृष्टिकोण का प्रमुख स्तंभ मानी जाती है।
PMSMA दशक समारोह में राज्यों की क्या भूमिका है?
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जागरूकता अभियान और सामुदायिक आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इनका लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को PMSMA सेवाओं के प्रति जागरूक करना और समय पर प्रसवपूर्व देखभाल के महत्व को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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