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पोस्को और जेएसडब्ल्यू स्टील ने 7.3 अरब डॉलर के निवेश से भारत में नया स्टील प्लांट स्थापित करने का किया समझौता

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पोस्को और जेएसडब्ल्यू स्टील ने 7.3 अरब डॉलर के निवेश से भारत में नया स्टील प्लांट स्थापित करने का किया समझौता

सारांश

दक्षिण कोरिया की पोस्को ग्रुप और भारत की जेएसडब्ल्यू स्टील ने मिलकर 7.3 अरब डॉलर के निवेश से भारत में एक नया स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए समझौता किया है। यह कदम भारत को दक्षिण एशिया में उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

पोस्को और जेएसडब्ल्यू स्टील ने मिलकर 7.3 अरब डॉलर का निवेश किया।
यह निवेश भारत को दक्षिण एशिया का प्रमुख प्रोडक्शन हब बनाने में मदद करेगा।
स्टील प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 6 मिलियन टन होगी।
समझौता दोनों देशों के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा।
यह परियोजना 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया की कंपनी पोस्को ग्रुप ने सोमवार को यह जानकारी साझा की कि उसने भारत की जेएसडब्ल्यू स्टील के साथ मिलकर 10.7 ट्रिलियन वॉन (लगभग 7.3 अरब डॉलर) का निवेश करते हुए भारत में एक विशाल स्टील प्लांट की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह निवेश पोस्को की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह भारत को दक्षिण एशिया में अपना उत्पादन केंद्र बनाना चाहता है और अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना चाहता है।

दोनों कंपनियों के बीच यह जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट भारत में साइन किया गया, जिसमें पोस्को ग्रुप के चेयरमैन चांग इन-ह्वा और जेएसडब्ल्यू स्टील के सीईओ जयंत आचार्य शामिल हुए।

समझौते के तहत, दोनों कंपनियां इस प्रोजेक्ट में 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेंगी और एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट बनाएंगी, जिसमें एक ही स्थान पर पूरा उत्पादन प्रक्रिया होगी।

पोस्को इस प्रोजेक्ट में लगभग 5.3 ट्रिलियन वॉन का निवेश करेगी। यह प्लांट भारत के ओडिशा राज्य में स्थापित किया जाएगा, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 6 मिलियन टन होगी और इसे 2031 तक पूरा करने की योजना है।

इसके पहले, दोनों कंपनियों ने 2024 में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) और पिछले वर्ष एक प्रारंभिक एग्रीमेंट भी साइन किया था।

पोस्को के सीईओ ली ही-ग्युन ने कहा कि इस संयुक्त निवेश के माध्यम से पोस्को की आधुनिक स्टील तकनीक और जेएसडब्ल्यू ग्रुप की स्थानीय ताकत को जोड़ा जाएगा। इससे भविष्य में नई मूल्य निर्माण होगी और दोनों देशों के औद्योगिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

इस बीच, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मध्य पूर्व संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।

नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद राष्ट्रपति ली ने बताया कि दोनों देशों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वित्त और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति को देखते हुए दोनों देश ऊर्जा संसाधनों और आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए सहयोग को और मजबूत करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी सुधार होगा। यह निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोस्को और जेएसडब्ल्यू स्टील का यह समझौता किस बारे में है?
यह समझौता भारत में एक नया स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए किया गया है, जिसमें दोनों कंपनियां 7.3 अरब डॉलर का निवेश कर रही हैं।
इस स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता क्या होगी?
इस स्टील प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 6 मिलियन टन होगी।
यह स्टील प्लांट भारत के किस राज्य में बनाया जाएगा?
यह स्टील प्लांट भारत के ओडिशा राज्य में स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी कितनी होगी?
इस परियोजना में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत होगी।
इस समझौते से भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस समझौते से भारत की औद्योगिक वृद्धि और आर्थिक विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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