TMC सांसद प्रतिमा मंडल का खंडन: 'बागी गुट में नाम बिना सहमति जोड़ा, कोई हस्ताक्षर नहीं किए'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद प्रतिमा मंडल ने 11 जून 2026 को उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह पार्टी के भीतर उभर रहे एक बागी गुट का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की तैयारी में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जानकारी या सहमति के बिना उनका नाम इस कथित समूह में शामिल किया गया है।
मुख्य खंडन
प्रतिमा मंडल ने कहा, "मैं उस नए गुट का हिस्सा नहीं हूँ, जिसकी चर्चा कुछ TMC सांसदों द्वारा की जा रही है। मुझे नहीं पता कि मेरा नाम इसमें क्यों जोड़ा जा रहा है। मैंने किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न ही मेरा उस समूह से कोई संबंध है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर कथित असंतोष की खबरें राष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियाँ बन रही थीं।
ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा पर प्रतिक्रिया
TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया दिल्ली यात्रा पर टिप्पणी करते हुए प्रतिमा मंडल ने कहा कि इस दौरान विपक्षी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। उन्होंने बताया, "ममता दीदी दिल्ली गई थीं और उन्होंने सोनिया गांधी सहित विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात की। विपक्ष एकजुट है और केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा। बैठक के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी चर्चा की।"
ममता की राष्ट्रीय भूमिका पर विचार
राष्ट्रीय राजनीति में ममता बनर्जी की संभावित बड़ी भूमिका के सवाल पर प्रतिमा मंडल ने कहा कि यदि वह विपक्षी एकता को मज़बूत करने के लिए आगे बढ़ती हैं, तो विपक्ष की स्थिति और सुदृढ़ होगी। उन्होंने जोड़ा, "जनता भी यही चाहती है।" गौरतलब है कि इंडी अलायंस के भीतर नेतृत्व की भूमिका को लेकर अलग-अलग दलों के बीच अनौपचारिक चर्चाएँ चलती रही हैं।
TMC-कांग्रेस संभावित नज़दीकी
कांग्रेस और TMC के बीच बढ़ती नज़दीकी की अटकलों पर प्रतिमा मंडल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि ममता बनर्जी का राजनीतिक सफ़र कांग्रेस से ही शुरू हुआ था। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी पहले कांग्रेस में थीं और बाद में उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। यदि कभी वह कांग्रेस में विलय का फ़ैसला करती हैं, तो इसे सकारात्मक कदम माना जाएगा।" हालाँकि, यह उनका व्यक्तिगत मत है और TMC या कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या
प्रतिमा मंडल के खंडन के बाद TMC के भीतर कथित बागी गुट की वास्तविक संख्या और स्वरूप पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी एकता की दिशा में ममता बनर्जी की सक्रियता आने वाले महीनों में इंडी अलायंस की रणनीति को नई आकार दे सकती है।