पंजाब में मंत्रियों के सरकारी आवास पर आप नेताओं का कब्जा, SAD प्रवक्ता क्लेर ने राज्यपाल से जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने 29 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं को कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवास आवंटित किए जाने पर गहरी आपत्ति जताई और पंजाब के राज्यपाल से इस मामले में स्वतंत्र जांच कराने की अपील की। क्लेर ने यह भी आरोप लगाया कि AAP, अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप मामले में लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।
सरकारी आवासों पर क्लेर का बड़ा आरोप
SAD प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवासों सहित तमाम सरकारी बंगलों की जांच होनी चाहिए कि वहाँ कौन रह रहा है और किस आधार पर रह रहा है। उन्होंने गायत्री बिश्नोई का उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद यह दावा करती हैं कि अपने पिता के इलाज के लिए एक कैबिनेट मंत्री के सरकारी आवास में रह रही हैं। क्लेर के अनुसार ऐसे मामलों में सरकारी आवास के उपयोग का कानूनी और नीतिगत आधार स्पष्ट होना आवश्यक है।
चावला रेप केस: AAP पर ध्यान भटकाने का आरोप
क्लेर ने कहा कि अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप मामले में AAP की ओर से लगातार आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंसों का उद्देश्य पंजाब की जनता का ध्यान राज्य में बढ़ती नशे की समस्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से हटाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। SAD और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) दोनों ने अमरजीत सिंह चावला को उनके सभी पदों से हटा दिया है। गौरतलब है कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा है कि मामले की सच्चाई 15 दिनों के भीतर सामने आ जाएगी।
रूप कौर संधू के निष्कासन पर SAD का रुख
रूप कौर संधू को SAD से निकाले जाने के सवाल पर क्लेर ने कहा कि यह पार्टी की महिला विंग से जुड़ा आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि निष्कासन के कारणों की विस्तृत जानकारी पार्टी की महिला विंग ही बेहतर तरीके से दे सकती है। इस मुद्दे पर क्लेर ने विस्तार से बोलने से परहेज किया।
SIR प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था पर क्लेर का पक्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पंजाब यूथ कांग्रेस के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में क्लेर ने पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उन्हें इस प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पूरी कार्यवाही का अवलोकन किया। क्लेर के अनुसार पंजाब में SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के मद्देनज़र क्लेर ने उनसे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।
निरंजन सिंह का वारिस पंजाब दे छोड़ना
पूर्व ईडी डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह के अकाली दल (वारिस पंजाब दे) छोड़ने पर क्लेर ने कहा कि बाहर से यह संगठन नशे के विरुद्ध लड़ाई लड़ता हुआ दिखता है, लेकिन अंदर से स्थिति अलग है। उनके अनुसार संगठन की ओर से नशे के खिलाफ किए जा रहे दावों और ज़मीनी हकीकत में स्पष्ट अंतर है, और यही निरंजन सिंह के पार्टी छोड़ने की असली वजह है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।