सुनील जाखड़ का आरोप: AAP नेताओं ने पंजाब मंत्रियों के सरकारी आवासों पर किया कब्जा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 29 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आरोप लगाया कि दिल्ली से आए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के लिए आरक्षित सरकारी आवासों पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया है। जाखड़ ने अरविंद केजरीवाल को 'सुपर सीएम' की संज्ञा देते हुए कहा कि पंजाब सरकार वास्तव में दिल्ली से संचालित हो रही है।
मौके पर पहुँचकर किया दौरा
जाखड़ ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया की अफवाहों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं मंत्रियों के सरकारी आवासों और सेक्टर 39 सर्किट हाउस का दौरा किया, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि वहाँ वास्तव में कौन निवास कर रहा है। उनके अनुसार, AAP से जुड़े व्यक्ति बिना किसी वैध अनुमति के इन सरकारी संपत्तियों पर काबिज हैं और वैध निवासियों को विस्थापित किया जा रहा है।
₹10,000 करोड़ के GMADA घोटाले से जुड़ी फाइलों का आरोप
जाखड़ ने आवास संख्या 926 में कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया के विभाग की फाइलों की कथित मौजूदगी पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एक मंत्री संवैधानिक शपथ के तहत सरकारी मामलों में गोपनीयता बनाए रखने के लिए बाध्य है। जाखड़ ने दावा किया कि उन फाइलों में कथित तौर पर ₹10,000 करोड़ के GMADA घोटाले से संबंधित जानकारी थी, और प्रश्न उठाया कि ये फाइलें उस आवास तक कैसे पहुँचीं जहाँ कथित तौर पर AAP नेता सत्येंद्र जैन ठहरे हुए थे। उन्होंने मंत्री मुंडिया के इस्तीफे की माँग की।
सर्किट हाउस में प्रवेश से रोके जाने का आरोप
जाखड़ ने यह भी दावा किया कि पंजाब पुलिस ने उन्हें सेक्टर 39 सर्किट हाउस में प्रवेश करने से रोका, जबकि उन्होंने दो दिन पहले ही 29 सितंबर के लिए वहाँ एक कमरा बुक करा लिया था। उन्होंने कहा, 'मैं पंजाब का निवासी हूँ और मेरे पास वैध बुकिंग है, फिर भी मुझे प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जबकि बिना किसी कानूनी अधिकार के लोग सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं।' उनके अनुसार, सर्किट हाउस के कमरों पर AAP सहयोगियों का स्थायी नियंत्रण है, जिससे पंजाब के सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों को आवास उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
केजरीवाल पर निशाना: 'सादगी के वादे और ज़मीनी हकीकत'
जाखड़ ने अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए याद दिलाया कि AAP सुप्रीमो ने पहले खुद को सादगी और ईमानदारी का प्रतीक बताया था और मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी आवास न लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में AAP सरकार के अंतर्गत दिल्ली से आए पार्टी सहयोगी राज्य मंत्रियों के लिए आरक्षित सरकारी संपत्तियों पर काबिज हैं। जाखड़ ने यह भी दावा किया कि मंत्रियों के आधिकारिक आवासों से नेमप्लेट तक हटा दी गई हैं, जो उनके अनुसार पहचान छुपाने की कोशिश है।
ED जाँच और आगे की कार्रवाई
जाखड़ ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली से संचालित प्रशासनिक नियंत्रण को उजागर करता है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच से सच्चाई सामने आ जाएगी। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब पंजाब में AAP सरकार और विपक्षी दलों के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।