चंडीगढ़ सेक्टर-39: पंजाब मंत्री आवासों में AAP के दिल्ली नेताओं का कब्जा, खैरा का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने 28 सितंबर को कपूरथला में आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित पंजाब मंत्रिमंडल के लिए आरक्षित सरकारी बंगलों पर दिल्ली से आए AAP नेताओं और उनसे जुड़े लोगों ने कब्जा जमा रखा है, जबकि राज्य के निर्वाचित मंत्री अपने आधिकारिक आवासों से बाहर रहने को विवश हैं। खैरा के इन आरोपों ने पंजाब की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है।
मुख्य आरोप: क्या कहा खैरा ने
खैरा ने आरोप लगाया कि पंजाब के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह के आधिकारिक आवास पर कथित तौर पर पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दो वर्ष से अधिक समय से कब्जा कर रखा है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि सेक्टर-39, चंडीगढ़ में जो मंत्री आवास हैं, उनमें इन्होंने दिल्ली के लोगों को बैठा रखा है।'
खैरा ने यह भी दावा किया कि राजस्थान से एक महिला को लाकर पंजाब में 'ऑब्जर्वर' के रूप में तैनात किया गया है और उसके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी व वाहन मौजूद रहते हैं।
गायत्री बिश्नोई प्रकरण: विवाद का केंद्र
खैरा के अनुसार, गायत्री बिश्नोई नामक महिला ने स्वयं स्वीकार किया कि वह 960 नहीं बल्कि 961 नंबर कोठी में रह रही है, जो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का आधिकारिक आवास है। खैरा ने बताया कि जब उन्होंने इस महिला से वहाँ रहने का कारण पूछा, तो उन्होंने अपने पिता की बीमारी का हवाला दिया।
खैरा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिन पिता का हृदय ऑपरेशन हुआ बताया जा रहा है, वे सेवानिवृत्त सूबेदार हैं और देश के किसी भी अस्पताल में कैशलेस उपचार के हकदार हैं — फिर भी वे एक मंत्री के सरकारी बंगले में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, 'डॉ. बलबीर घर से बाहर रह रहे हैं।'
लगभग 10 मंत्री आवासों पर कब्जे का दावा
खैरा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल एक बंगले तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार उनके पास एक सूची आई है जिसमें लगभग 10 मंत्री आवासों में दिल्ली से AAP द्वारा भेजे गए लोगों के रहने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया आई और पंजाब के लोगों ने उनके आरोपों का समर्थन किया। खैरा ने कहा, 'पंजाबियों को ऐसा लग रहा है कि हमने तो भगवंत मान को वोट दिया था, लेकिन हम पर राज तो दिल्ली के लोग कर रहे हैं।'
मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासन पर सवाल
खैरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी वैभव कुमार — जिन पर कथित तौर पर स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का आरोप है और जिन्हें जेल जाना पड़ा था — नियंत्रित कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के डीजीपी चार वर्षों से तदर्थ (एड-हॉक) आधार पर कार्यरत हैं और वे गैर-पंजाबी हैं। इसी प्रकार मुख्य सचिव भी गैर-पंजाबी बताए गए। खैरा ने आरोप लगाया कि दीपक चौहान — जिन्हें कथित तौर पर सिसोदिया का करीबी बताया जाता है — को कैबिनेट दर्जा देकर औद्योगिक निगम का अध्यक्ष बनाया गया है और उन्हें सेक्टर-39 की 902 नंबर कोठी में रखा गया है।
आगे क्या
खैरा ने स्पष्ट किया कि वे अपने किसी भी आरोप से पीछे नहीं हटेंगे और इस मुद्दे को विधानसभा सहित हर मंच पर उठाते रहेंगे। AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद पंजाब में 'दिल्ली बनाम पंजाब' की राजनीतिक बहस को और तीखा कर सकता है।