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पंजाब विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव, चीमा ने BJP पर वोट चोरी का आरोप लगाया

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पंजाब विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव, चीमा ने BJP पर वोट चोरी का आरोप लगाया

सारांश

पंजाब विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल को भेजा। मंत्री हरपाल चीमा ने BJP पर SIR के ज़रिए विपक्षी मतदाताओं के वोट छीनने का आरोप लगाया। साथ ही CM भगवंत मान के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए कथित दुर्व्यवहार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

पंजाब विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, जिसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने BJP पर SIR के ज़रिए विपक्षी मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को विधानसभा के शेष सत्र से निलंबित किया गया — अभद्र आचरण के आधार पर।
चीमा ने दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की माँग की।
भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मताधिकार की रक्षा को इस कदम का आधार बताया।

पंजाब सरकार में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 23 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पारित प्रस्ताव का बचाव किया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विपक्षी दलों के मतदाताओं के वोट छीनने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के निलंबन और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े दिल्ली एयरपोर्ट विवाद पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव

चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। उन्होंने इस कदम को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय करार दिया।

चीमा ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर विपक्षी दलों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं और उनके संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को संविधान के तहत मतदान का अधिकार प्राप्त है, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है।

सुखपाल सिंह खैरा का निलंबन

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के विधानसभा से निलंबन पर चीमा ने कहा कि पंजाब विधानसभा के नियमों के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार खैरा का आचरण सदन की मर्यादा और लोकतंत्र की परंपराओं के अनुकूल नहीं था, इसीलिए उन्हें शेष सत्र में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया। चीमा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर संसदीय मर्यादाओं की अनदेखी करते हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट विवाद और CM भगवंत मान का अपमान

मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े दिल्ली एयरपोर्ट विवाद पर चीमा ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके विभिन्न विभाग पंजाब के चुने हुए मुख्यमंत्री का अपमान करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत मान पंजाब के लोगों, पंजाबी मुद्दों और पंजाब के गौरव की आवाज़ उठाते हैं, और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जाता है।

चीमा ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ हुए व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए माँग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उनके पद की परवाह किए बिना विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक प्रणाली में स्वीकार्य नहीं है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य विधानसभा ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया हो, लेकिन इस कदम से केंद्र-राज्य संबंधों में एक नया मोर्चा खुलने की संभावना है।

पंजाब विधानसभा में पारित यह प्रस्ताव अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद केंद्र की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार विधायी प्रस्ताव के ज़रिए इसे औपचारिक स्वरूप देना AAP की रणनीतिक दिशा को दर्शाता है। यह देखना ज़रूरी होगा कि राज्यपाल इस प्रस्ताव पर कोई संज्ञान लेते हैं या नहीं, क्योंकि संवैधानिक रूप से चुनाव आयोग केंद्र के अधीन है और राज्य के पास सीमित अधिकार हैं। दिल्ली एयरपोर्ट विवाद को इस प्रस्ताव के साथ जोड़कर पेश करना बताता है कि AAP इन मुद्दों को एकीकृत केंद्र-बनाम-पंजाब कथा के रूप में चुनावी नज़रिए से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब विधानसभा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव क्यों पारित किया?
पंजाब विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इसलिए प्रस्ताव पारित किया क्योंकि AAP सरकार का आरोप है कि SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) के नाम पर विपक्षी दलों के मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए जा रहे हैं। यह प्रस्ताव आगे की कार्रवाई के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
SIR क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी 'विशेष सारांश पुनरीक्षण' वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की समीक्षा और अद्यतन करता है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से AAP, का आरोप है कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर उनके समर्थक मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए जा रहे हैं, जो संवैधानिक मताधिकार का उल्लंघन है।
सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब विधानसभा से क्यों निलंबित किया गया?
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब विधानसभा के शेष सत्र से इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि उन पर सदन में अभद्र भाषा के इस्तेमाल और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार यह कार्रवाई विधानसभा के नियमों के अंतर्गत की गई।
भगवंत मान और दिल्ली एयरपोर्ट विवाद क्या है?
मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया। चीमा ने इसे केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के चुने हुए मुख्यमंत्री को अपमानित करने का प्रयास बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की माँग की।
इस प्रस्ताव का आगे क्या होगा?
पंजाब विधानसभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। संवैधानिक दृष्टि से चुनाव आयोग केंद्र के दायरे में आता है, इसलिए इस प्रस्ताव की कानूनी प्रभावशीलता सीमित मानी जाती है, लेकिन राजनीतिक संदेश के रूप में इसका महत्व बड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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